इलाज के अभाव में जंगल में तड़पते रहे दो ग्रामीण, 24 घंटे बाद निकाले गए शव

भास्कर न्यूज| मनोहरपुर मंगलवार की शाम सारंडा के जंगल में हुए दो सिलसिलेवार ब्लास्ट ने तिरिलपोसी गांव के दो घरों के चिराग बुझा दिए। जराइकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल में घायल हुए जयसिंह चेरोवा (32) और सेलाय चेरोवा (32) ने पूरी रात दर्द, ठंड और असहायता के बीच तड़पते हुए दम तोड़ दिया। समय पर इलाज और मदद नहीं मिलने से दोनों की जान चली गई। उनके शव लगभग 24 घंटे बाद ग्रामीणों की मदद से जंगल से बाहर लाए जा सके। इस तरह देखा जाय तो एक साल में सारंडा में आईईडी ब्लास्ट में कुल 5 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को जंगल में पहला ब्लास्ट हुआ। जिसमें जयसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथ गए लोग दहशत में वहां से भागकर गांव पहुंचे और घटना की सूचना दी। शाम को छह लोग घायल जयसिंह को लाने दोबारा जंगल में गए। लेकिन कुछ ही दूरी पर दूसरा ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट में सेलाय बुरी तरह जख्मी हो गया। हालात इतने भयावह थे कि बाकी लोग अपनी जान बचाकर लौट आए।

इस हादसे ने दो परिवारों को असहाय कर दिया है। दोनों मृतक खेती-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सेलाय के घर में पत्नी और 4 बच्चे हैं। जबकि जयसिंह के घर में मां – बाप, पत्नी, दो बच्चे और एक छोटा भाई है। कमाने वाले हाथों के चले जाने से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुधवार को दोनों की पत्नियां भी अपने पति का धवा लाने ग्रामीणों के साथ गए थे। पति के शवों को देखकर दोनों मौके पर दहाड़ मार कर रोने लगीं। तब साथ गए लोगों ने किसी तरह शांत कराया और शवों को उठाकर गांव लाए। दूसरी ओर घटना की खबर पर बीडीओ शक्ति कुंज के निर्देश पर सरकारी लाभ दिलाने की खातिर पंचायत सचिव युधिष्ठिर गोराई, पंचायत कर्मी सुरेश यादव और दीघा पंचायत के मुखिया इग्नेश बरला भी तिरिलपोसी गांव जाकर दोनों के घर गए। नोवामुंडी| नोवामुंडी-जगन्नाथपुर मार्ग पर कोटगढ़ चौक के सामने बुधवार दोपहर एक सड़क हादसे में टोंटोपोसी गांव के बारबुरा टोला निवासी वीरेंद्र बलमुचू (33 वर्ष) नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना लगभग 11:30 बजे की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरेंद्र अपने गांव बारबुरा से बाइक से कोटगढ़ साप्ताहिक हाट जा रहा था। इसी दौरान कोटगढ़ चौक के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में उनके सीने में अंदरूनी चोटें आई हैं, वहीं घुटने, माथे और चेहरे पर भी गंभीर चोटें लगी हैं। घटना के बाद सड़क से गुजर रहे और साप्ताहिक बाजार जा रहे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल टाटा स्टील नोवामुंडी की एंबुलेंस के चालक को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल टीएमएच नोवामुंडी ले जाया गया, जहां इलाज जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि वीरेंद्र नशे में धुत था, हेलमेट भी नहीं पहना था। चाईबासा| मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत तुंजबाना के पास दुकान के सामने सड़क के किनारे जा रहे 15 वर्षीय लड़का लिसिमोती निवासी विनोद गागराई की मौत अज्ञात वाहन के धक्के से हो गई। घटना 6:30 बजे की बताई जाती है लेकिन घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, गांव के लोग भी मूकदर्शक बने रहे। रात्रि में 8:00 बजे घर मालिक ने गांव के अन्य युवक के साथ घायल लड़के को वाहन पर सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन चिकित्सक ने जांच के उपरांत मृत घोषित कर दिया। लड़के को सिर पर गंभीर चोट लगी थी। बच्चे को जोरदार टक्कर लगने से वह दुकान की दीवार से टकरा गया, जिससे लड़के का सिर फट गया। लड़का टोंटो थाना क्षेत्र के लीसिमोती का निवासी था। बताया जाता है कि ब्लास्ट में सेलाय के दोनों पैर और जयसिंह का बायां पैर उड़ गया था। चारों ओर धुआं, बिखरे पत्थर और चीख-पुकार के बीच दोनों घायल पूरी रात जंगल में पड़े रहे। दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, ठंड और इलाज के अभाव में अंततः दोनों ने दम तोड़ दिया। इधर बुधवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीण घटनास्थल तक पहुंचे। लेकिन स्थिति का आकलन कर लौट आए। दोपहर ढाई बजे परिजन और ग्रामीण दोबारा जंगल गए और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को गांव तक ढोकर लाया गया। रात करीबन 7 : 30 बजे शवों को जराइकेला थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। दोनों के उड़े थे पैर, दर्द व अधिक रक्तस्राव होने के कारण गई जान

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *