डमी कैंडिडेट से बने कॉन्स्टेबल, 10 साल बाद पकड़े गए:OMR और एडमिट कार्ड पर हस्ताक्षर मिसमैच मिले, तीन के खिलाफ FIR

बाड़मेर में 2014 की भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर कॉन्स्टेबल बन गए। 10 साल बाद सेवा रिकॉर्ड की जांच में हस्ताक्षर मिसमैच मिलने पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने तीन कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसपी की रिपोर्ट के बाद जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया है। दरअसल, राजस्थान में पिछले दो वर्षों से विभिन्न भर्तियों में फर्जी तरीके से नौकरी पाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसआई, कॉन्स्टेबल, शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी भर्ती तक में गड़बड़ियों की जांच चल रही है। इसी कड़ी में बाड़मेर के तीन कॉन्स्टेबल अब SOG की कार्रवाई की जद में आए हैं। सेवा रिकॉर्ड जांच में हुआ शक बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने 8 अक्टूबर 2025 को SOG को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी। साल 2015 में नियुक्त हुए कॉन्स्टेबलों के सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान दस्तावेजों में संदेहास्पद स्थिति सामने आई। जांच में पाया गया कि ओमप्रकाश पुत्र हरदानाराम निवासी कालाणसरा पादरू (सिवाना), गंगाराम पुत्र केसरीमल निवासी ढाकों का गोलिया कबुली (धोरीमन्ना) और सुमेरमल पुत्र महावीर प्रसाद निवासी बीकमसरा (सरदारशहर, चूरू) के बायोमैट्रिक आवेदन-पत्र, ओएमआर शीट और अन्य दस्तावेजों में हस्ताक्षर आपस में मेल नहीं खाते। एसपी ने इस गंभीर विसंगति को देखते हुए SOG को विस्तृत जांच के निर्देश दिए। एमबीसी कॉलेज और बालोतरा सेंटर पर दी गई थी परीक्षा SOG ने आवेदन-पत्र, ओएमआर शीट, प्रवेश पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजों की रंगीन प्रमाणित प्रतियां मंगवाकर जांच की। तकनीकी शाखा से मोबाइल नंबरों के CDR भी खंगाले गए। जांच में ये आया सामने तीनों कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज SOG ने प्राथमिक जांच के आधार पर तीनों कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। वर्तमान में ओमप्रकाश बाड़मेर कोतवाली थाने में तैनात है। गंगाराम थाना सेड़वा (बाड़मेर) में पदस्थ है, जबकि सुमेरमल एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) जयपुर में कार्यरत है। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर चल रही सख्त कार्रवाई के बीच यह मामला एक और बड़ी कड़ी माना जा रहा है। भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वालों पर सरकार और जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। — फर्जीवाड़े की ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान हाईकोर्ट ने SI भर्ती-2021 रद्द की:आदेश- जो सरकारी नौकरी छोड़कर एसआई बने, उन्हें पुरानी जॉब वापस मिलेगी राजस्थान हाई कोर्ट ने गुरुवार को एसआई भर्ती 2021 रद्द कर दी। 859 पदों के लिए एग्जाम हुआ था। पेपर लीक में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे। पूरी खबर पढ़िए

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