सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर व टीवी अभिनेता पारस तोमर को कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को है। कोटा के वकील सुजीत स्वामी ने कोटा जिला उपभोक्ता संरक्षण न्यायालय में परिवाद पेश किया था। इसमें क्रिस्टल से मानसिक इलाज-अमीर बनने के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अभिनेता पारस तोमर के दावों को अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापन बताया था। परिवाद में पीड़ित उपभोक्ताओं ने मानसिक पीड़ा, सामाजिक क्षति एवं आर्थिक नुकसान के लिए ने 5 लाख मुआवजे की मांग की है। सभी भ्रामक और धोखा पूर्ण विज्ञापनों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से तुरंत हटाने की भी मांग की है। कौन है पारस तोमर पारस तोमर युवाओं के बीच लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। जिनके विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर्स हैं। पारस तोमर, Studd Muffyn ब्रांड के फाउंडर एवं सीईओ, अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉस्मेटिक, हेल्थकेयर, स्किनकेयर तथा क्रिस्टल आधारित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करते हैं। एडवोकेट सुजीत ने बताया की आस्था-आधारित, निराधार और अवैज्ञानिक विज्ञापनों के माध्यम से ब्रेसलेट बेचना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) (भ्रामक विज्ञापन) एवं धारा 2(47) (अनुचित व्यापार व्यवहार) का स्पष्ट उल्लंघन है। चिंता दूर करने के दावे से उपभोक्ता गुमराह एडवोकेट सुजीत स्वामी ने बताया कि उनके पक्षकार पृथ्वीराज सिंह ने अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर अभिनेता पारस तोमर का “Anxiety Free Combo Bracelet” विज्ञापन देखा, जिसमें दावा किया गया था कि इस क्रिस्टल को पहनने से ओवरथिंकिंग बंद होगी। गुस्सा नियंत्रित होगा, पैनिक अटैक कम होंगे और मानसिक शांति होगी। इन दावों से प्रभावित होकर उन्होंने 729 का भुगतान कर ब्रेसलेट मंगवाया। दो महीने तक उपयोग करने के बाद भी उनके मानसिक स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्राहक सेवा से संपर्क करने के प्रयास भी संतोषजनक नहीं रहे। अमीर बनने के दावों से कर्ज में डूबे इसी प्रकार एक अन्य परिवादी, रजत ने पारस तोमर का ही “Rich-Rich Combo Bracelet” का विज्ञापन देखा। जिसमें दावा किया गया था कि इसे पहनने से धन आकर्षित होगा, व्यक्ति अमीर बनेगा और बुरी नजर से रक्षा होगी। इन दावों से प्रभावित होकर उन्होंने 680 का भुगतान कर उत्पाद खरीदा। लेकिन उनके आर्थिक हालात या एकाग्रता में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टा विज्ञापन पर भरोसा कर उन्होंने लोन ले लिया, जिसे वह चुका नहीं पाए, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति हुई। कानूनी नोटिस का जवाब नहीं दिया एडवोकेट सुजीत स्वामी ने पारस तोमर को 4 नवंबर 2025 को एक विधिक नोटिस भी भेजा गया था। लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद 30 नवंबर को कोटा उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पारस तोमर (Founder CEO – Studd Muffyn) व अंकुर भाटी (Founder CEO – Nature Touch Nutrition) को नोटिस जारी किए हैं। Anxiety Free Bracelet जैसे उत्पाद किसी भी क्लिनिकल परीक्षण या चिकित्सकीय अनुमोदन से समर्थित नहीं हैं। फिर भी इन्हें मानसिक रोगों के उपचार, धन आकर्षण और गुस्सा नियंत्रण जैसे समाधान के रूप में प्रचारित किया गया। जिला उपभोक्ता आयोग कोटा बेंच अध्यक्ष अनुराग गौतम एवं सदस्य सरनाम सिंह ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अभिनेता पारस तोमर के विरुद्ध अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों के मामले में नोटिस जारी किया है। आयोग ने पारस तोमर को 23 मार्च को उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ——- ये खबर भी पढ़े- सलमान खान, पान मसाला कंपनी कोटा कंज्यूमर कोर्ट में तलब:आरोप- भ्रामक विज्ञापन, केसर 4 लाख रुपए किलो; 5 रुपए में कैसे दे सकते सलमान खान को कोटा कंज्यूमर कोर्ट में आना होगा:हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए; पान मसाला विज्ञापन मामले में 20 जनवरी को सुनवाई सलमान का कोर्ट में जवाब-पान मसाला नहीं,इलायची का विज्ञापन किया:गलत सबूतों पर की गई शिकायत, वकील बोले- साइन एक्टर के नहीं


