अलवर में गुस्साए कर्मचारियों ने जलाई बजट की कॉपियां:कहा-हमारी मांगों पर चर्चा तक नहीं की, अब संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा

अलवर जिला मुख्यालय के मिनी सचिवालय गेट पर राज्य सरकार के बजट के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बजट की कॉपियां जलाकर अपनी नाराज़गी जताई। कर्मचारी नेता मनोज मीणा का कहना है कि इस बार का बजट कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, मानदेय कर्मियों और पेंशनरों के लिए बिल्कुल निराशाजनक है। बजट भाषण में कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर केवल तीन मिनट ही बात की गई और इस दौरान सत्ता पक्ष या विपक्ष के किसी भी नेता ने समर्थन में मेज नहीं थपथपाई। इससे साफ है कि बजट कर्मचारियों के पक्ष में नहीं है। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले बजट में पदोन्नति की परेशानी दूर करने के लिए कैडर पुनर्गठन की बात कही गई थी, लेकिन इस बजट में न तो पदोन्नति की समस्या का हल किया गया और न ही वेतन की विसंगतियों पर कोई घोषणा हुई। आठवें वेतन आयोग को लेकर भी केवल समिति बनाने की बात कहकर मामला टाल दिया गया है। केसर सिंह का कहना है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याएं समझने के बजाय केवल समितियां बनाकर समय निकाल रही है। प्रदेश में लाखों कर्मचारी और संविदा कर्मी हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कुछ भी खास नहीं रखा गया, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने बताया कि 12 जनवरी 2026 को जयपुर में हजारों कर्मचारियों ने चेतावनी रैली निकाली थी, लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब बजट के बाद कर्मचारियों का कहना है कि संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

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