नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात करीब 9:26 बजे भगदड़ से 17 लोगों की मौत हो गई, इनमें 3 बच्चे हैं। 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (LNJP) ने मौत की पुष्टि की है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा के बाद भारी भीड़ में भगदड़ मच गई। ट्रेन को प्लेटफॉर्म 12 से 16 पर शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान लोग प्लेटफॉर्म 16 की तरफ जाने के लिए फुटओवर दौड़ने लगे और भगदड़ मच गई। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 पर भीड़ होने की वजह से हुआ है। बताया जा रहा है कि महाकुंभ जाने वाली 2 ट्रेन लेट हो गई थीं। इसी वजह से भीड़ बढ़ी और भगदड़ मच गई। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ट्वीट कर घटना पर शोक जताया है। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, शुरुआत में नॉर्दन रेलवे के CPRO (चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) ने भगदड़ की बात से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कोई भगदड़ नहीं हुई, यह सिर्फ अफवाह है। इससे पहले 29 जनवरी को प्रयागराज के महाकुंभ में 30 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 10 फरवरी 2013 को कुंभ के दौरान प्रयागराज स्टेशन पर भगदड़ मची थी। हादसे में 36 लोग मारे गए थे। एलजी ने पहले श्रद्धांजलि दी…फिर एक घंटे में ही अपना ट्वीट बदला दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने रात 11:55 बजे ट्वीट किया, ‘नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के कारण कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। इस घटना पर मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है।’ फिर 12:24 बजे अपने ट्वीट को एडिट करते हुए लिखा- ‘नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। इस स्थिति को संभालने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त से बात की गई है।’ एलजी वीके सक्सेना ने मौतों और संवेदना जताने वाली बात हटा दी गई है। हालांकि, पीएम नरेंद्र मोदी ने 12:56 बजे ट्वीट किया- ‘नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से दुखी। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्दी ठीक हों। वो 3 बड़े कारण… जिससे हालात बिगड़े और जानें गईं तीन चश्मदीदों के बयान: प्लेटफॉर्म नं. बदलने की घोषणा से भगदड़ कन्फर्म टिकट वाले भी डिब्बे में नहीं घुस सके: प्रयागराज जा रहे प्रमोद चौरसिया बताया कि मेरे पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के स्लीपर का टिकट था। लेकिन इतनी भीड़ थी कि कन्फर्म टिकट वाले भी डिब्बे में नहीं घुस पा रहे थे। वहां इतनी धक्का-मुक्की थी कि हम जैसे-तैसे भीड़ से बाहर निकल सके। ट्रेनों के कैंसिल और लेट होने से भीड़ बढ़ी: प्रत्यक्षदर्शी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मैं भी प्रयागराज जा रहा था। दो ट्रेनें पहले से ही देरी से चल रही थीं, कुछ रद्द कर दी गई थीं। इसलिए स्टेशन पर बेतहाशा भीड़ थी। मैंने जिंदगी में पहली बार इस स्टेशन पर इतनी भीड़ देखी। मैंने खुद छह-सात महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए देखा। हादसे के दौरान की 3 तस्वीरें… हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….


