मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी टेलीकॉम सेवाओं के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। संसद में पेश सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जहां एक ओर प्रदेश के आधे से ज्यादा गांव अत्याधुनिक 5G नेटवर्क से जुड़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) अभी भी आधे से ज्यादा प्रदेश में अपनी पहुंच बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। BSNL का हाल: 56% गांवों तक अब भी नहीं पहुंची पहुंच संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में बीएसएनएल के नेटवर्क विस्तार की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। मध्य प्रदेश में कुल 54,903 गांव हैं इनमें से केवल 24,394 गांवों को ही बीएसएनएल की सेलुलर सेवाओं से कवर किया जा सका है। नेटवर्क विहीन: प्रदेश के लगभग 55.5% (करीब 30,509 गांव) में आज भी बीएसएनएल का सिग्नल नहीं पहुंचता है। उत्तर प्रदेश (पूर्व) जैसे सर्कल में बीएसएनएल ने 92% गांवों को कवर कर लिया है, जबकि एमपी में यह आंकड़ा आधे से भी कम है। 4G टावरों का जाल और 5G की तैयारी संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि बीएसएनएल वर्तमान में पूरे देश में 1 लाख स्वदेशी 4G टावर लगा रहा है । 15 जनवरी, 2026 तक 97,672 साइटें स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें से 95,511 साइटें ऑन-एयर हो चुकी हैं । खास बात यह है कि ये सभी उपकरण भविष्य में 5G में अपग्रेड किए जा सकेंगे । 5G की रफ्तार: आधा मध्य प्रदेश हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस बीएसएनएल की सुस्ती के विपरीत, देश में 5G के विस्तार ने प्रदेश में तेज रफ्तार पकड़ी है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। मध्य प्रदेश के 27,961 गांवों में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है. यानी प्रदेश के 51% से अधिक गांव अब सुपर-फास्ट इंटरनेट जोन में हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने में एमपी देश में 6वें नंबर पर टावरों का जाल: प्रदेश भर में अब तक 22,182 5G बीटीएस (BTS) टावर लगाए जा चुके हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने के मामले में मध्य प्रदेश देश के टॉप राज्यों की सूची में छठे (6th) स्थान पर है। बीटीएस (BTS) टावर: क्या है यह तकनीक? खबरों में बार-बार आने वाला शब्द ‘बीटीएस’ (Base Transceiver Station) वह मुख्य मशीन है जो मोबाइल और नेटवर्क के बीच सिग्नल का आदान-प्रदान करती है। 5G के लिए लगाए जा रहे ये नए बीटीएस पुराने टावरों की तुलना में कई गुना ज्यादा डेटा स्पीड और कम विलंबता (Latency) प्रदान करते हैं, जिससे वीडियो कॉलिंग और गेमिंग जैसे काम बिना रुके होते हैं। मप्र-छग सर्किल में किस कंपनी के पास कितने यूजर्स? मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सर्किल में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 7.98 करोड़ के पार पहुंच गई है। मार्केट शेयर के हिसाब से रिलायंस जियो का दबदबा बरकरार है। ट्राई (TRAI) द्वारा 10 फरवरी 2026 को जारी की गई रिपोर्ट (दिसंबर 2025 के आंकड़ों तक) के अनुसार, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) सर्किल में मोबाइल यूजर्स का डेटा और कंपनियों की स्थिति इस प्रकार है ..


