बठिंडा में पीआरटीसी (PRTC) और पनबस (PUNBUS) के कच्चे कर्मचारियों ने अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर बसें रोककर धरना प्रदर्शन किया।बता दे कि यह उनकी हड़ताल का दूसरा दिन है। प्रदर्शन से पहले कई कर्मचारियों को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट भी किया गया। पंजाब रोडवेज बस यूनियन के प्रेसिडेंट हरतार सिंह ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर कल रात 12 बजे से हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि 28 दिसंबर को सरकारी सेक्टर को निजीकरण से बचाने के लिए दो घंटे की गेट रैली का आयोजन किया गया था, लेकिन सरकार ने इसे हड़ताल का रूप दे दिया। साथियों की रिहाई की मांग हरतार सिंह के अनुसार, उस दिन से उनके कई साथी जेल में हैं। कुछ को धारा 7/51 के तहत गिरफ्तार किया गया था, जो बाद में रिहा हो गए। हालांकि, धारा 307 के तहत दर्ज मामलों में 19 साथी पहले ही रिहा हो चुके हैं, लेकिन संगरूर डिपो के 10 साथी अभी भी जेल में हैं। कर्मचारी इन्हीं 10 साथियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 90% बसें बंद, यात्री परेशान प्रदर्शन के कारण बठिंडा डिपो की 90% बसें बंद रहीं, जबकि 10% नियमित कर्मचारी काम कर रहे हैं। यूनियन नेताओं ने यह भी बताया कि आज के प्रदर्शन से पहले भी कई साथियों, जिनमें प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी भी शामिल हैं, को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने उनके घरों पर भी कई बार छापेमारी की। यूनियन ने बताया कि इस प्रदर्शन का समय आज तक ही निर्धारित था। यदि संगठन इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लेता है, तो इसे उसी अनुसार बढ़ाया जा सकता है।


