मंडला जिले के नगर परिषद बिछिया का दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शिव झरिया 3 करोड़ 10 लाख की संपत्ति का मालिक निकला। जबलपुर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ शाखा (EOW) ने आज शनिवार सुबह 6 बजे झरिया के घर और ऑफिस में छापा मारा था। टीम 9 घंटे बाद भी यहां मौजूद है। आय से अधिक संपत्ति को लेकर कार्रवाई की गई है। EOW जबलपुर के डीएसपी एव्ही सिंह ने बताया, शिव झरिया के ठिकानों से तीन प्लॉट और दो मकान के दस्तावेज मिले हैं। बैंक पासबुक और कुछ एफडी भी मिली हैं। उसके मंडला में ही 4 ऑफिस हैं। वह शिवंशी इंडिया निधि लिमिटेड बैंक (माइक्रो फाइनेंस) और ट्रैवल्स कंपनी का संचालन करता है। झरिया की चार गाड़ियां चलती हैं। इनमें एक गाड़ी उसके खुद के और तीन गाड़ियां उसके भाई के नाम से हैं। एक कार दिल्ली में चलती है। ईओडब्लू के 4 डीएसपी, 4 इंस्पेक्टर, 1 एसआई सहित 17 सदस्यीय टीम सुबह करीब 6 बजे शिव झरिया के ठिकानों पर पहुंची थी। प्रशासन के दो राजपत्रित अधिकारी, एक डॉक्टर समेत मेडिकल टीम और जिला पुलिस बल मौजूद रहा। बता दें कि शिव झरिया 37 लाख रुपए के गबन मामले में जमानत पर है। बिछिया नगर परिषद में गबन में शामिल है झरिया
शिवकुमार झरिया पूर्व में मंडला जिले के मोहगांव जनपद (मनरेगा) में कैशियर था। वहां आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के बीच उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। इसके बाद वह बिछिया नगर परिषद में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा है। यहां शिकायत के बाद जिला स्तरीय जांच टीम ने परिषद के दो वित्तीय वर्षों के लेखा जोखा की जांच की थी। जांच में करीब 37 लाख रुपयों का गबन सामने आया था, जिसकी बिछिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में शिवकुमार झरिया सह आरोपी है और वर्तमान में जमानत पर है।


