इंदौर के मेघदूत नगर गली नंबर 20 में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास योगेश्वरी दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म का विस्तृत वर्णन किया। कथा में बताया गया कि देवकी-वसुदेव की कठोर तपस्या के बाद आधी रात को कारागृह में पूर्ण ब्रह्म श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ। वे देवकी के आठवें पुत्र के रूप में कंस का वध करने और ब्रज मंडल को उसके आतंक से मुक्त करने के लिए प्रकट हुए। योगेश्वरी दीदी ने बताया कि कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन मात्र से समस्त पापों का नाश होता है। कथा के बीच वसुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को टोकरी में लेकर आने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। भक्तों ने “नंद घर आनंद भयो” के जयघोष के साथ भगवान के दर्शन किए और परंपरागत मटकी फोड़ का आयोजन भी किया गया। कथा में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भजन-कीर्तन के साथ कृष्ण जन्मोत्सव में भाग लिया।


