शिवपुरी जिले में एक सर्विलेंस वर्कर को जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए रिश्वत मांगना भारी पड़ गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने कोलारस के सर्विलेंस वर्कर हरगोविंद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 500 रुपए रिश्वत मांगने का आरोप घटना उस समय सामने आई जब कोलारस निवासी रामगिरि गोस्वामी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि प्रमाणपत्र बनने में 25 दिन का समय लगेगा। हालांकि, कर्मचारी ने 500 रुपए की रिश्वत देने पर मात्र एक घंटे में प्रमाणपत्र बनाकर देने का दावा किया। गोस्वामी ने चतुराई दिखाते हुए इस पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। निलंबित किया गया प्रशासन द्वारा की गई जांच में हरगोविंद मिश्रा को दोषी पाया गया। मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पिछोर निर्धारित किया गया है।


