विधायक आक्या ने विधानसभा में उठाया फसल खराबे का मुद्दा:बोले – अधिकारी रहे ऑटो मोड पर, किसानों को मिले मुआवजा

चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने एक बार फिर विधानसभा सदन में किसानों की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को चित्तौड़गढ़ विधानसभा के कई गांवों में तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। ओछड़ी, खोर, ओरड़ी, अरनियापंथ, एराल, खेरी, घटियावली, गिलुण्ड, उदपुरा, पालछा, अमरपुरा और बरसिंह का गुड़ा सहित कई गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। विधायक ने कहा कि खेतों में खड़ी फसल ओलों की मार सह नहीं पाई और देखते ही देखते किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं। अफीम की फसल को भी भारी नुकसान, मुआवजे की मांग विधायक ने विशेष रूप से अफीम की फसल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इस बार अफीम के डोडे पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। किसानों ने इस फसल पर काफी खर्च किया था और अब उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नारकोटिक्स विभाग को तुरंत निर्देश दिए जाएं ताकि खराब हुई अफीम की फसल का सही सर्वे कराया जा सके। साथ ही जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि जिन किसानों की अफीम की फसल खराब हो चुकी है, उन्हें डोडा चूरा के दाने लेने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से परेशानी, ऑफलाइन आवेदन की मांग सदन में बोलते हुए विधायक आक्या ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं समय-समय पर आती रहती हैं, लेकिन प्रशासन को ऐसी स्थिति में तुरंत एक्टिव होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार स्तर पर अधिकारी ऑटो मोड में काम करें और आपदा आते ही मौके पर पहुंचकर सर्वे शुरू करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फसल खराबे की सूचना ऑनलाइन पोर्टल पर भेजनी होती है, लेकिन गांवों के कई किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं और वे यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। इसी कारण कई किसानों को चार-पांच साल तक मुआवजा नहीं मिल पाता। विधायक ने सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था भी रखी जाए और समय पर सर्वे कराकर निश्चित समय सीमा में राहत राशि दी जाए। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार इस मामले में गंभीरता दिखाए और पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दे।

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