कोटपूतली के डाबला रोड स्थित राजकीय कन्या कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान छात्राओं के लिए कानूनी अधिकार और साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्वयंसेविकाओं को सामाजिक, पारिवारिक और डिजिटल जीवन में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करना बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में मुख्य वक्ता एडवोकेट संजू यादव ने छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने वाली विशाखा गाइडलाइन, दहेज निषेध अधिनियम और महिलाओं के विभिन्न संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून की सही जानकारी होने से महिलाएं न केवल खुद को सुरक्षित रख सकती हैं, बल्कि समाज में अन्य महिलाओं के लिए भी जागरूकता का माध्यम बन सकती हैं। महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता की जानकारी दी महिला नीति की संयोजक डॉ. कमलेश यादव ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और कानूनी अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं की वास्तविक शक्ति है और छात्राओं से अपने अधिकारों को समझने व किसी भी अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का साहस रखने की अपील की। साइबर सुरक्षा सत्र में जिले के साइबर क्राइम थाने से हेड कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश, कॉन्स्टेबल देशराज और नीरज ने छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फेक प्रोफाइल, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग, ओटीपी फ्रॉड और निजी डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साइबर फ्रॉड के बचाव की दी जानकारी उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, संदिग्ध लिंक से दूर रहने, निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने और सोशल मीडिया की गोपनीयता सेटिंग्स का सही उपयोग करने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए। टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में बताया पुलिस अधिकारियों ने बताया- किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क करें। निजी तस्वीरें या वीडियो लीक होने पर STOPNCII.ORG.IN वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने से त्वरित कार्रवाई संभव है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जगराम गुर्जर ने जोर देकर कहा कि कानूनी जानकारी और साइबर जागरूकता आज के समय में हर नागरिक के लिए अनिवार्य है।


