केंद्र सरकार द्वारा नये श्रम कानून व श्रमिक विरोधी नितियों के खिलाफ आज भीलवाड़ा मे श्रम संगठनों ने एक दिवसीय हड़ताल की। इस दौरान के राष्ट्रीयक्रत बैंकों की यूनियन एआईबीईए, एआईबीओए व बेफी के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। हड़ताल के चलते एलआईसी और बैंकिंग मिलाकर कुल 125 ब्रांचों में सेवाएं बाधित रही। लोगों को वापस लौटना पड़ा। भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर तीनों संगठन के अधिकारी व कर्मचारियों ने भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ एलआईसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन में बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी पूंजी निवेश,अमानवीय श्रम संहिताओं, पीएसजीआई कंपनियों के निजीकरण के विरोध तथा एलआईसी में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में तत्काल भर्ती की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। वापस लिए जाएं कानून नॉर्दर्न जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के शाखा सचिव महेश जालीवाल ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर आज एक दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। यूनियन के सचिव अशोक कुमार बिड़ला ने सरकार के नए श्रम कानून को लेकर सरकार की आलोचना की साथ ही इन कानून जल्द वापस लेने की मांग की । इनकी रही मौजूदगी इस दोरान विभिन्न बैंकों के कर्मचारी मौजूद रहे। इस हड़ताल से भीलवाड़ा जिले की 125 से अधिक ब्रांच में ग्राहक सेवा में देरी हुई। कुछ शाखाओं में कैश लेनदेन नहीं होने से ग्राहक निराश होकर लौटे। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारी रमेश महत्ता, शिव सोडाणी, शंकर लाल, रोनक बाल्दी, शिरिष, महिला दीपा, लता चौहान सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी इकट्ठा हुए।


