कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार में कोई खींचतान नहीं है। हम एक मन, एक राय और एक परिवार के रूप में राजस्थान के विकास के लिए कटिबद्ध हैं और रहेंगे। जोगाराम पटेल ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिसकी जैसी संस्कृति होती है उसको वैसा ही याद रहता हैं। जो होटलों में बंद रहे, तत्कालीन मुख्यमंत्री अपने ही उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के लिए किस तरह के शब्दों का प्रयोग करते थे, उसको मैं यहां दोहराना भी नहीं चाहता हूं। अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली और अन्य जगह फिरते रहें। उन्हें ऐसा प्रश्न करने का अधिकार नहीं हैं। हमने घोषणाएं बचाकर रखी है, ऐसा अनुमान लगाने वाले अंर्तयामी को मैं धन्यवाद देता हूं। उन्होने कहा कि घोषणाएं लगातार होगी, विकास निरंतर चलेगा। हमारे बीच कोई खींचतान नहीं हैं। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा था कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री (वित्त मंत्री) के बीच प्रतिस्पर्धा है, ऐसे में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं वित्त मंत्री को करने ही नहीं दी। बजट रेवड़ी परंपरा पर वैचारिक प्रहार
जोगाराम पटेल ने कहा कि यह बजट राजनीतिक परंपराओं से हटकर हैं। आज तक बजट में रेवड़ियां बंटती रही है, यह बजट रेवड़ी संस्कृति पर वैचारिक प्रहार हैं। उन्होने कहा कि इस बजट में हमारा विजन है कि किस तरह से राजस्थान समृद्ध और विकसित बने। इस बजट में हमारी नीति और परिकल्पनाएं है। बजट में अल्पकालीन लोकप्रियता की बजाय दीर्घकालीन स्थिरता को प्राथमिकता दी गई हैं। बजट में सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने की घोषणाओं से हटकर उत्पादन और निवेश को प्राथमिकता दी गई हैं। बजट गरीब,युवा,अन्नदाता और नारी शक्ति को समर्पित
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने सरकार के तीसरे बजट को ऐतिहासिक बताते हुए इसे विकसित राजस्थान का सशक्त रोडमैप करार दिया। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सर्वांगीण विकास को समर्पित है। उन्होंने बताया कि 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए के इस बजट का आकार वर्ष 2023–24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। राज्य के अवसंरचना विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023–24 की तुलना में दोगुने से अधिक है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व बजट से 53 प्रतिशत अधिक है। कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत तथा ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।


