डीग कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद कलेक्टर उत्सव कौशल ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत सीएमएचओ डीग डॉ. विजय सिंघल को इसकी सूचना दी। सीएमएचओ के निर्देश पर जिला अस्पताल डीग के पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह फौजदार अपनी मेडिकल टीम और एंबुलेंस के साथ तत्काल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। एंबुलेंस के माध्यम से वृद्ध महिला को जिला अस्पताल डीग लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया। पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह फौजदार ने बताया कि पीड़िता किरण पत्नी लीलाराम मीणा, निवासी श्योपुरा (डीग), पूर्व से ही बीपी व शुगर की मरीज हैं। जांच के बाद उनकी स्थिति सामान्य पाई गई, जिस पर उन्हें बीपी व शुगर की एक माह की दवाइयां देकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बड़े बेटे ने हड़पी जमीन, पेंशन बंद कराई अस्पताल में इलाज के दौरान किरण देवी ने अपने बड़े बेटे घनश्याम मीणा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बड़े बेटे ने फर्जी तरीके से उनसे तथा उनके दो छोटे बेटों शिवचरण मीणा और राम अवतार मीणा से हस्ताक्षर करवा कर जमीन अपने नाम कर ली और उनकी पेंशन भी बंद करवा दी। कलेक्ट्रेट में बिगड़ी तबीयत प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला पिछले कई सालों से अपनी जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर विभिन्न अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। गुरुवार को इसी सिलसिले में वह जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं, जहां मानसिक तनाव के चलते उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। कलेक्टर और प्रशासन की तत्परता से उन्हें समय रहते इलाज मिल सका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


