बारां में फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) के आह्वान पर जिले के दवा एवं विक्रय प्रतिनिधियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। उन्होंने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह हड़ताल अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के सवा लाख से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बारां में दवा प्रतिनिधि सुबह 11 बजे पब्लिक पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यूनियन अध्यक्ष सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू करने, काम के घंटे बढ़ाने और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर अंकुश लगाने के विरोध में किया गया। प्रतिनिधियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन के सदस्य अंशुल व्यास ने जानकारी दी कि ज्ञापन में श्रम कानून वापस लेने, दवाओं को जीएसटी से मुक्त करने, उनके दाम नियंत्रित करने, प्रतिनिधियों के लिए स्पष्ट कार्य नियमावली बनाने, न्यूनतम वेतन 26,910 रुपए तय करने, सेल्स के नाम पर होने वाले शोषण को बंद करने और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग से निजता हनन रोकने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।


