हाईकोर्ट ने कहा-कुप्रबंधन के कारण रोडवेज की वित्तीय स्थिति खराब:ड्राइवर-कंडक्टर और मैकेनिक रोडवेज की रीढ़ की हड्डी, जायज भुगतान नहीं रोक सकते

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि ड्राइवर, कंडक्टर, सहायक कर्मचारी और यांत्रिक (मैकेनिक) कर्मचारी रोडवेज की रीढ़ की हड्डी हैं। ये सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के रख-रखाव के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे किसी भी कर्मचारी के वैध दावे को केवल इस आधार पर नकारा नहीं जा सकता कि रोडवेज के पास भुगतान के लिए पर्याप्त धन नहीं हैं। कोर्ट ने कहा- रोडवेज के कुप्रबंधन और पेशेवर प्रबंधन के अभाव में आज राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं। इसका खामियाजा कर्मचारियों को नहीं उठाना चाहिए। कोर्ट ने कहा- यदि सरकार आरएसआरटीसी के कुप्रबंधन के प्रति सतर्क है, तो उसे सबसे पहले आरएसआरटीसी के प्रशासनिक अधिकारियों पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए थी। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने यह आदेश मोहन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। साप्ताहिक अवकाश का भुगतान नहीं किया था याचिकाकर्ता के वकील सुनील समदड़िया ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने अप्रेल 2014 में अजमेर डिपो में चालक पद से वीआरएस लिया था। रोडवेज की ओर से उसके सेवानिवृत परिलाभों का भुगतान नहीं करने पर मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में गया। लोक अदालत ने 12 दिसंबर 2015 को दोनों पक्षों में समझौता कराते हुए 6 फीसदी ब्याज सहित नौ महीने में बकाया भुगतान करने को कहा। इसके बाद भी रोडवेज ने कर्मचारी को साल 1998 से साल 2011 के बीच साप्ताहिक अवकाश का भुगतान नहीं किया। हमने भुगतान की प्राथमिकता तय कर रखी है रोडवेज की ओर से कोर्ट में कहा गया कि निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए 2021 के सर्कुलर से भुगतान की प्राथमिकता तय की हुई हैं। उसी प्राथमिकता के अनुसार हम भुगतान कर रहे हैं। वहीं जून 2011 के सर्कुलर से निर्देशित किया गया था कि चालक-परिचालक और अन्य की ड्यूटी इस प्रकार लगाई जाए कि पूरे क्रू का उपयोग हो सकें। वहीं विशेष परिस्थिति में अगर किसी कर्मचारी को राजपत्रित अवकाश के दिन बुलाया जाता है तो उसे अगले 3 दिन में इसके बदले अवकाश दिया जाए। जिससे रोडवेज पर भुगतान का अतिरिक्त भार ना आए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी का 2011 से पहले के साप्ताहिक अवकाश का भुगतान शेष है। जिसके संबंध में रोडवेज ने कोई संतुष्टिपूर्वक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में रोडवेज कर्मचारी को दो माह में बकाया भुगतान करें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *