छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। आवापल्ली-मुरदंडा स्टेट हाईवे पर सड़क के नीचे प्लांट किया गया लगभग 25 से 30 किलोग्राम वजनी शक्तिशाली कमांड आईईडी बरामद किया गया, जिसे बाद में नियंत्रित विस्फोट से नष्ट कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, 170वीं और 196वीं बटालियन के जवान नियमित एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान पर थे। इसी दौरान, आवापल्ली-मुरदंडा मार्ग पर सड़क के नीचे संदिग्ध संकेत मिले। गहन जांच में पता चला कि एक प्लास्टिक कंटेनर में विस्फोटक भरकर सड़क की सतह से करीब 2 फीट नीचे दबाया गया था, जिसका निचला हिस्सा लगभग 5 फीट गहराई तक था। सुरक्षा कारणों को देखते हुए, जेसीबी और पोकलेन मशीन की सहायता से सड़क की खुदाई कर आईईडी को बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरी सावधानी के साथ नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के माध्यम से इसे निष्क्रिय कर दिया। सुरक्षाबलों को टारगेट करने प्लांट किया था आईईडी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नक्सलियों ने लंबे समय बाद किसी प्रमुख मार्ग को निशाना बनाते हुए इस तरह का भारी कमांड आईईडी प्लांट किया था। आवापल्ली-मुरदंडा मार्ग सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण रूट है। आशंका है कि सुरक्षाबलों के मूवमेंट को नुकसान पहुंचाने के इरादे से यह विस्फोटक लगाया गया था। बीजापुर क्षेत्र में डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा और एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियानों के कारण नक्सली दबाव में हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसी बौखलाहट में वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे, जिसे जवानों की सतर्कता ने विफल कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है।


