जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में भाजपा ऑफिस के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी देवाशीष चौधरी (62) और उनकी पत्नी नुपूर चौधरी (56) की मौत हो गई। दरअसल नो-एंट्री में घुसे एक तेज रफ्तार हाइवा (JH05CY-2776) का पीछा पुलिस कर रही थी। हाइवा वाला भागने के चक्कर में बाइक सवार दंपती को अपनी चपेट में ले लिया। इससे दंपती की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दंपती परसुडीह स्थित अपने घर जा रहे थे। घटना के बाद नाराज स्थानीय लोगों ने हंगामा कर दिया। सड़क पर रखे पुलिस के बैरिकेडिंग तोड़ डाले। लोग शव के साथ ही सड़क पर बैठ गए। सड़क जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। लोगों की भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए पुलिस को सख्ती भी बरतनी पड़ी। पुलिस ने लाठियां भी चटकाई। देर रात तक सड़क पर चलता रहा हंगामा जानकारी के मुताबिक नाराज लोग पुलिस की ओर से लाठी चार्ज किए जाने से नाराज हो गए। पुलिस के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। स्थानीय लोग देर रात तक सड़क जाम किए हुए थे। वे लोग मृतक के परिजन को मुआवजा देने और हाइवा चालक पर कार्रवाई करने को लेकर अड़े हुए थे। पुलिस ने कई बार भीड़ को समझाने की कोशिश भी की पर वे मानने को तैयार नहीं थे। लोगों की नाराजगी इस बात से थी कि शहर में चेकिंग होने के बाद भी नो एंट्री में हाइवा कैसे घुस गया। रात 1 बजे लोगों ने हटाया जाम पुलिस की ओर से समझाने के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। देर रात तक लोग सड़क पर ही शव को लेकर बैठे रहे। पीड़ित परिवार को मुआवजा का आश्वासन देने के बाद रात एक बजे लोगों ने सड़क खाली किया। हाइवा मालिक घटनास्थल पर पहुंच कर पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपए नकद और 10 लाख का चेक देने की घोषणा की। इसके बाद ही लोगों ने सड़क खाली किया। 11 साल पहले इकलौते बेटे की हुई थी मौत परसुडीह प्रमथनगर क्लब रोड निवासी इस दंपती के लिए यह पहला सड़क हादसा नहीं था। 11 साल पहले उनके इकलौते बेटे ऋषि की भी एग्रिको सिग्नल के पास कार दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसमें उनकी बेटी निशा भी घायल हुई थी। अब दंपती की मौत के बाद घर में केवल 17 वर्षीय बेटी ही बची है।


