भास्कर न्यूज | गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर गुरुवार को बिना पूर्व सूचना के शहर और आसपास के संस्थानों में पहुंचे। सबसे पहले वे शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय गरियाबंद पहुंचे। वे सीधे कक्षा में पहुंचे और बच्चों से सवाल पूछे। कुछ छात्र आत्मविश्वास से जवाब देते दिखे, तो कुछ चुप रहे। इसी चुप्पी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। शिक्षकों के साथ चर्चा में वार्षिक परीक्षा की तैयारी पर बात हुई, लेकिन फोकस सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रहा। बच्चों की सीखने की क्षमता, कक्षा-वार पुनरावृत्ति और कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन पर अतिरिक्त ध्यान देने की बात प्रमुख रही। प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत प्रगति दर्ज करने और पालकों को नियमित जानकारी देने की सलाह दी गई। मिड-डे मील, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था भी परखी गई। अनुपस्थित बच्चों की सूची देखकर अभिभावकों से संपर्क बढ़ाने की जरूरत बताई गई। इस दौरान एसडीएम और तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व प्रकरण, ई-कोर्ट पंजीयन, भू-अर्जन और आरटीआई आवेदनों की स्थिति देखी गई। समय-सीमा में काम पूरा होना चाहिए। शिकायतों के त्वरित निपटारे, साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट और रिकॉर्ड के नियमित डिजिटलीकरण पर जोर दिया गया। कार्यालय की साफ-सफाई और फाइलिंग सिस्टम भी परखा गया। निर्माणाधीन तहसील कार्यालय को बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।


