क्राइम रिपोर्टर| बिलासपुर आयकर विभाग की कई टीमें गुरुवार को शहर में कोल, मिनरल्स और तेल कारोबार से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों में जांच करने पहुंची। विभाग की ओर से देर शाम तक किसी भी संस्थान की जांच में टैक्स चोरी उजागर होने की जानकारी नहीं दी गई है। शहर के अलावा पड़ोसी जिले जांजगीर व रायगढ़ में भी टीमों द्वारा जांच करने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स की टीमें जिन गाड़ियों में पहुंची, उनमें एसआईआर का स्टिकर लगा था, ताकि किसी तरह की भनक न लगे। बड़े कोल और तेल कारोबारियों के ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीम पूरी तैयारी के साथ आई थी। गुरुवार सुबह टीमें कोयला कारोबारी के बिलासपुर स्थित आवास घर, प्लांट व रायगढ़ डिपो और मिनरल्स कारोबारी के जांजगीर स्थित प्लांट में पहुंची। इसके अलावा ऑयल मिल संचालक के रामा वर्ल्ड स्थित आवास और सिरगिट्टी स्थित प्लांट में जांच की गई। सभी जगहों पर टीम ने आय-व्यय से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच के बाद सभी के मोबाइल और लैंड लाइन फोन को बंद रखा। सूत्रों की माने तो कोल और तेल कारोबारियों द्वारा बड़ा लेनदेन कच्चे में किया है। इस पर उनके द्वारा टैक्स भी चोरी की गई है। कोयले के कारोबार से जुड़े जानकार ने बताया कि कोल माइंस से फ्रेश कोयला खरीदने के बाद उसमे मिक्सिंग कर अच्छा कोयला दूरदराज के डिपो में डंप किया जाता है। दिसंबर में जीएसटी की जांच के बाद इनकम टैक्स विभाग अलर्ट हो गया था। उन्होंने सभी फर्मों की रैकी और ठिकानों की जांच के बाद पूरी तैयारी के साथ दबिश दी। इस रेड में जांच टीम के सदस्यों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगने की बात कही जा रही है। हालांकि आईटी विभाग के अफसर इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पिछली सरकार ने कोयला कारोबारी के संस्थानों की जांच कराई थी। जांच में कई खामियां सामने आई थी, जिसके बाद तत्कालीन रायगढ़ कलेक्टर ने फर्म पर पेनाल्टी भी लगाई थी।


