भास्कर न्यूज | जालंधरः प्राचीन शिव मंदिर में महापर्व महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को श्रद्धा और हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। तैयारियों के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। फाल्गुन संक्रांति पर साप्ताहिक मां बगलामुखी महायज्ञ संपन्न हुआ तथा मंदिर के हवन कुंड में उत्तराखंड के त्रियुगी नारायण मंदिर की तर्ज पर अखंड धूनी प्रज्ज्वलित की गई। त्रियुगी नारायण मंदिर रुद्रप्रयाग में स्थित प्राचीन स्थल है, जहां शिव-पार्वती विवाह की साक्षी अखंड ज्योति त्रेतायुग से प्रज्ज्वलित मानी जाती है। अखंड धूनी श्रद्धा, पवित्रता और जागृत चेतना का प्रतीक मानी जाती है। महाशिवरात्रि पर इस बार शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, साध्य, शुक्ल, ध्रुव, व्यतिपात, नवपंचम राजयोग और वरियान सहित 12 शुभ संयोग बन रहे हैं। मंदिर के कपाट प्रातः 4 बजे खुलेंगे। परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी व फूलों से सजाया जाएगा। भक्तों के लिए बिल्वपत्र, भांग व धतूरा की व्यवस्था रहेगी तथा ‘शिव बूटी’ से निर्मित चरणामृत वितरित होगा। दिनभर रुद्राभिषेक और रात्रि में चार पहर पूजा होगी। शिव अमृतवाणी का संगीतमय पाठ भी होगा। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे भंडारा आयोजित किया जाएगा। मुख्य पुरोहित पं. चक्र प्रशाद जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चारण से महायज्ञ संपन्न करवाया। यहां मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान यादव खोसला, रमेश सहदेव, गुरचरण बजाज, सुनील सहदेव, मानव बजाज, वैभव शर्मा, गोविंद खोसला, मनीष रेहान, सुरेश चंद्र, अश्विनी तुली, पुनीत शर्मा, प्रेम ढल्ला, राजेश शर्मा, कुनाल शर्मा, विनय नैयर, नरेंद्र जैन, हरीश वर्मा, संजीव शर्मा, अनेक कुमार, राजीव मुंजाल, पूजा खोसला, नीलम बजाज, सपना शर्मा, सीमा सहदेव, मिनी रेहान, रानी ढल्ला, आशू बजाज, नीरू भारद्वाज, वाटिका अग्रवाल, पूर्णिमा सैनी, वैदेही खोसला, ईशा शर्मा, इंदू भोला, कोमल प्रीत कौर उपस्थित थे।


