लुधियाना| ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ग्लाडा) ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पीएपीआर एक्ट) के तहत उन डिफॉल्टर अलॉटियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिन्होंने लंबे समय से अपने रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉटों/मकानों का बकाया जमा नहीं कराया है। गलाडा के प्रवक्ता ने बताया कि धारा 45 के तहत इन डिफॉल्टरों को बार-बार नोटिस जारी कर बकाया जमा करने के कई अवसर दिए गए, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्होंने भुगतान नहीं किया। इसके चलते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उनकी अलॉटमेंट रद्द कर दी गई है। लगातार बकाया न चुकाने के कारण गलाडा के लगभग 150 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिससे विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्य प्रभावित हुए हैं तथा जनहित परियोजनाओं की गति धीमी पड़ी है। प्रवक्ता ने शेष डिफॉल्टरों से तुरंत बकाया जमा कराने की अपील की है, अन्यथा अलॉटमेंट रद्द करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित व्यक्ति किसी भी स्पष्टीकरण के लिए गलाडा एस्टेट कार्यालय, लुधियाना से संपर्क कर सकते हैं। मुख्य प्रशासक संदीप कुमार ने भी सभी अलॉटियों से समय पर भुगतान करने की अपील की ।


