एलुमनी और पुरस्कार विजेताओं का सम्मान, भंगड़े ने बांधा समां

भास्कर न्यूज़| लुधियाना पीएयू के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर का 61वां एलुमनी मीट आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व और वर्तमान कृषि वैज्ञानिकों ने पुराने दिनों की यादें साझा कीं। कार्यक्रम में कॉलेज और पीएयू के सबसे वरिष्ठ एलुमनस डॉ. एसएस जोहल, पूर्व कुलपति डॉ. किरपाल सिंह औलख और वर्तमान कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने विशेष रूप से शिरकत की। डॉ. एसएस जोहल ने पीएयू की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा को याद करते हुए कहा कि पीएयू ने देश को खाद्य असुरक्षा से खाद्य सुरक्षा की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पंजाब के किसानों के योगदान की भी सराहना की। डॉ. किरपाल सिंह औलख ने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान के एलुमनी होने पर सभी को गर्व है, जिन्होंने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। वहीं, डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि अतीत वर्तमान के लिए मार्गदर्शक है और परंपरा को नवाचार से जोड़ना समय की जरूरत है। इस मौके पर डॉ. गुलजार सिंह, डॉ. रणजीत सिंह और डॉ. एसएस गिल ने कविता पाठ कर पीएयू की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कॉलेज के डीन डॉ. सीएस औलख ने अतिथियों और एलुमनी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में चार स्नातक, 10 स्नातकोत्तर और नौ पीएचडी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में पांच राष्ट्रीय और 10 राज्य स्तर की फसल किस्में विकसित की गई हैं, जबकि जलवायु, पानी और तकनीक आधारित नई किस्मों और उत्पादन तकनीकों पर कार्य जारी है। कार्यक्रम में पूर्व डीन, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एलुमनी, उच्च पदों पर पहुंचे पूर्व छात्र, वित्तीय योगदान देने वाले एलुमनी और सर्वश्रेष्ठ परियोजना टीमों को सम्मानित किया गया। स्वर्ण जयंती और रूबी जयंती बैच गतिविधियों को भी उजागर किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भांगड़ा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और एलुमनी ने विशेष व्यंजनों का आनंद लिया। पीएयू के 60 वर्षों के किसान-वैज्ञानिक संबंध और उपलब्धियों पर आधारित चार कॉफी टेबल बुक्स और एलुमनी एसोसिएशन की पत्रिका ‘एगालुमनस’ का भी विमोचन किया गया।

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