पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं में उत्साह है, तो बदलाव की एक उम्मीद भी। शहर की यातायात व्यवस्था इनके लिए एक प्रमुख मुद्दा है। इन्हीं युवाओं में से एक हैं सोनिका। इनका कहना है कि युवा केवल वादों से नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव से संतुष्ट होंगे। सोनिका कहती हैं कि शहर में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था आज की सबसे बड़ी जरूरत है। पीक आवर्स में कई प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है, जिससे स्कूली बच्चों, कामकाजी लोगों और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बेहतर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहद जरूरी है ताकि रात के समय भी लोग सुरक्षित महसूस कर सकें। कई इलाकों में अपर्याप्त रोशनी के कारण दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। आधुनिक और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे सिटी बसें, ई-बस और नियमित लोकल परिवहन उपलब्ध कराना समय की मांग है। यदि सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा तो निजी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी।


