खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लोगों द्वारा स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए सरकार की ओर से चलाये जा रहे गिवअप अभियान में लोग अब रुचि लेने लगे है। ढाई माह से चल रहे इस अभियान के तहत टोंक में करीब 1 हजार परिवारों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन नाम हटाने के लिए अप्लाई किया है।
जबकि 11 फरवरी तक यह संख्या 761 ही थी। यह अभियान 28 फ़रवरी तक चलेगा। उसके बाद सरकार अपात्र लोगों का भौतिक सत्यापन कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। उनसे खाद्य सुरक्षा योजना में मिले गेहूं आदि राशन सामग्री की रुपयों के रूप में वसूली की जाएगी। जिला रसद विभाग की ओर से गत दिनों 20 परिवारों को नोटिस भी दिया जा चुका है। ज्ञात रहे कि सरकार गरीब लोगों को हर माह निशुल्क गेहूं देती है। प्रति व्यक्ति हर माह 5 किलो गेहूं दिया जा रहा हैं । जिले में करीब ढाई लाख परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत इसका लाभ मिल रहा है। लेकिन इसमे कई ऐसे लोग भी जो फर्जी तरीके से झूठे दस्तावेज लगाकर योजना का लाभ उठा रहे है। सरकार अब इनका नाम हटा रही है।
इसके लिए 3 दिसंबर 2024 से 28 फ़रवरी तक गिवअप अभियान चला रही रही है। इसके अपात्र लोगों के लिए नाम कटवाने के लिए दो तरह के विकल्प ऑन लाइन और ऑफलाइन विकल्प रखे है। इसके लिए जो लोग है ऑफलाइन ज्यादा आवेदन कर रहे है। जिले में अब तक दोनों ही सिस्टम से करीब एक हजार अपात्र लोगों ने नाम हटवाने के लिए आवेदन किया है। जिला रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी धर्मराज जैन ने बताया कि जो अपात्र लोग अपना नाम स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाना चाहते है। इसके लिए वे निर्धारित प्रपत्र में उचित मूल्य दुकान पर सूचना भरकर जमा करवा सकते है। इसके अलावा www.fooddepartment.rajasththan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन मोबाइल से भी कर सकते है।


