पटियाला जिले में पटियाला हेरिटेज फेस्टिवल के तहत खालसा कॉलेज में चौथे पटियाला मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का सफल आयोजन किया गया। बता दे कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल ने पटियाला निवासियों, विशेषकर युवाओं को सैन्य इतिहास और शौर्य से परिचित कराया। इस अवसर पर सैन्य टैंक, तोप, युद्ध के हथियार, सैन्य इतिहास पर वृत्तचित्र फिल्में, घोड़ों के करतब और तीरंदाजी की प्रदर्शनियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वॉर अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान में शामिल होने की अपील स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने फेस्टिवल का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं और पूर्व सैनिकों से पंजाब सरकार के ‘वॉर अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है और युद्ध नायकों तथा बहादुर महिलाओं को भी इस लड़ाई में हमारे नायक बनना चाहिए। मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल एसोसिएशन को दी बधाई स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर युवाओं और छात्रों को सेना के गौरव तथा सैन्य इतिहास से अवगत कराने के लिए ऐसे मेलों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने पटियाला जिला प्रशासन और मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल एसोसिएशन को इसके लिए बधाई दी। सैनिकों की माताओं और पत्नियों को किया सम्मानित इस दौरान डॉ. बलबीर सिंह ने जिले के विभिन्न सैन्य अभियानों में शहीद हुए सैनिकों की पांच बहादुर माताओं और पत्नियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक लड़ाई सीमा पर लड़ी जाती है, जबकि दूसरी लड़ाई सैनिकों के परिवार लड़ते हैं। पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है और राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों के लिए सम्मान राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी है। भारत-पाकिस्तान युद्धों का किया उल्लेख स्वास्थ्य मंत्री ने भारत-पाकिस्तान युद्धों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी और सीमा सुरक्षा में पंजाबियों ने सर्वाधिक बलिदान दिए हैं। उन्होंने सैन्य साहित्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज वैश्विक स्तर पर कुछ देश अपनी सैन्य शक्ति के बल पर हावी हो रहे हैं, इसलिए बच्चों को दुनिया में हो रही घटनाओं की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।


