बैतूल के सिमोरी गांव में रविवार को नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाले प्रतिभागियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। परीक्षार्थियों का स्वागत आरती और तिलक से किया गया, साथ ही उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए छाते और गमछे भी दिए गए। परीक्षा केंद्र तक प्रतिभागियों को रैली के रूप में ले जाया गया। कार्यक्रम में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक आरडी जायसवाल, जनशिक्षक प्रीतम सिंह मरकाम, शिक्षक शैलेंद्र बिहारिया, नोडल अधिकारी श्याम परते सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। जायसवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जीवन कौशल सिखाने और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित करने का माध्यम है। सभी प्रतिभागियों को स्वल्पाहार और मिठाई भी वितरित की गई। बता दें, नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास) एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका मकसद, 15 साल से ज़्यादा उम्र के उन वयस्कों को साक्षर बनाना है जिन्हें औपचारिक शिक्षा नहीं मिल पाई। इस योजना के ज़रिए, इन लोगों को बुनियादी साक्षरता, जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल, और सतत शिक्षा दी जाती है। देखें तस्वीरें…


