बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर अब लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, रख-रखाव तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन के खड़े रहने के लिए 84.78 करोड़ रुपए के कार्य 3 प्रोजेक्ट के तहत रेल मंडल की ओर से करवाए जा रहे हैं। इसके वर्क ऑर्डर जारी होने के साथ संबंधित फर्मों की ओर से कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्टेशन से गांधीनगर व शास्त्रीनगर के बीच की जमीन पर तीन प्रोजेक्ट के तहत कार्य होंगे। रेलवे परिसर में बनी रेलवे स्कूल तथा हॉस्पिटल अन्य स्थान पर शिफ्ट किए जाएंगे। तीन प्रोजेक्ट के कार्य संबंधित फर्मों की ओर से अगस्त 2026 तक पूरे करवाए जाएंगे। लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव व मरम्मत के लिए स्टेशन पर 57.08 करोड़ रुपए लागत से स्टेबलिंग लाइन बिछेगी। ट्रेनों के रख-रखाव और कोच सफाई के लिए 14.53 करोड़ से एक पिट लाइन का निर्माण करवाया जाएगा। तीसरे प्रोजेक्ट में 13.17 करोड़ रुपए से स्टेशन पर स्वास्थ्य सेवाओं व आपदा प्रबंधन के लिए हर समय तैयार रहने वाली दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन के लिए लाइन बिछाने के साथ मोबाइल वैन खड़ी रखी जाएगी, जो आपात स्थिति में पहुंचकर घायलों को चिकित्सा सहायता देगी। बाड़मेर स्टेशन नया बनकर तैयार हो गया है। अब रेलवे पटरियों के दोनों ओर शहर बस चुका है। स्टेशन पर एंट्री के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से एक ही गेट की व्यवस्था है, जबकि आधी आबादी रेलवे स्टेशन के पीछे निवास कर रही है। ऐसे में आधे शहरवासियों को रेलवे फाटक क्रॉस कर स्टेशन आना पड़ रहा है। 12 मीटर चौड़े बने फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में रेलवे स्टेशन को 70 साल बाद अमृत भारत योजना के तहत 16.81 करोड़ रुपए की लागत से तैयार करवाया गया है। स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ाई के एफओबी का कार्य भी करीब पूरा हो चुका है। इसके फिनिशिंग का कार्य शेष है। बाड़मेर से अब लंबी दूरी की ट्रेनें चलेंगी। इसके लिए यार्ड की क्षमता बढ़ाने के कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्टेशन पर वाशिंग लाइन, पिट लाइनों का निर्माण करवाया जा रहा है। पुरानी रेल लाइन के समानांतर स्टेबलिंग लाइन बिछाई जा रही है। कोच को इधर-उधर लाने व ले-जाने में सुविधा होगी। साथ ही स्टेशन पर खाली ट्रेनों, इंजनों या खाली कोचों को सुरक्षित रूप से खड़ा किया जा सकेगा। स्टेशन पर ट्रेनों की सफाई, धुलाई, रख-रखाव और तकनीकी जांच के लिए एक पिट लाइन बनाई जा रही है। पिट लाइन में ट्रैक के बीच एक लंबा, गहरा गड्ढा बनेगा। इसमें तकनीकी कर्मचारी पहिए, ब्रेक और अन्य उपकरणों की जांच करेंगे। “बाड़मेर रेलवे स्टेशन में तीन प्रोजेक्ट के तहत 84.78 करोड़ के कार्य करवाए जा रहे हैं। स्टेशन यार्ड की क्षमता बढ़ाई जा रही है। स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन का कार्य शुरू हो गया है। अगस्त तक कार्य पूरे होंगे।”
-अमित सुदर्शन, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिमी रेलवे, जयपुर।


