शहर के आरडी गर्ल्स कॉलेज परिसर में वर्ष 2015 से पुरातत्व विभाग के कारण इनडोर स्टेडियम निर्माण आज भी अधूरा पड़ा है। 11 साल से वीरान पड़े इस स्टेडियम को अब राज्य बजट में खेल अधोसंरचना को लेकर की गई घोषणा के बाद नई उम्मीद मिली है। खेल प्रेमियों और छात्राओं को उम्मीद है कि वर्षों से पुरातत्व विभाग के कारण अटका इनडोर स्टेडियम सरकार के प्रयासों से जल्द बनने की उम्मीद है। 2015 में आरडी गर्ल्स कॉलेज में इनडोर स्टेडियम बनाने के लिए यूजीसी की ओर से 42 लाख 50 हजार रुपए की ग्रांट स्वीकृत की गई थी, जिसके तहत इनडोर स्टेडियम के लिए 21 लाख 25 हजार रुपए कॉलेज को मिले और स्टेडियम का काम शुरू किया गया, लेकिन पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक के अंदर काम न करने का हवाला देकर इनडोर स्टेडियम का काम रुकवा दिया गया। पुरातत्व विभाग की ओर से रोक लगने के कारण कॉलेज को यूजीसी की ग्रांट लौटानी पड़ी। तभी से इनडोर स्टेडियम का काम अधूरा पड़ा हुआ है,लेकिन 11 फरवरी का राज्य सरकार के बजट घोषणा में आरडी गर्ल्स कॉलेज में इनडोर स्टेडियम के पुनर्विकास की घोषणा से कॉलेज प्रशासन व छात्राओं की खुशी दोगुनी हो गई। जहां अब तक कॉलेज की बच्चियों को इनडोर गेम्स के लिए इधर-उधर प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता था। कई बच्चियां स्टेडियम न होने की वजह से गेम्स में प्रतिभाग नहीं करती थी। अब, वह छात्राएं इनडोर स्टेडियम बनने पर आराम से कॉलेज के इनडोर स्टेडियम में प्रैक्टिस कर सकेंगी। “कॉलेज छात्राओं के लिए बेहद खुशी की बात है िक अधूरा इनडोर स्टेडियम पूरा बन सकेगा क्योंकि कॉलेज छात्राओं को जूड़ो,बॉक्सिंग ,बैडमिंटन की प्रैक्टिस के लिए काफी दूर जाना पड़ता था।”
-डॉ. मधु शर्मा, प्राचार्य आरडी गर्ल्स कॉलेज


