जयपुर | राज्य बजट में उद्योगों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं से प्रदेश की करीब 20 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन एमएसएमई से लगभग 92 लाख श्रमिकों व कर्मचारियों को रोजगार मिल रहा है। उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई प्रदेश के औद्योगिक विकास की धुरी है। सरकार को एमएसएमई को मजबूत करने के लिए और कदम उठाने चाहिए। राजस्थान वेयर हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता का कहा कि एमएसएमई के विकास के लिए लॉजिस्टिक सिस्टम को मजबूत करना जरूरी था। ऐसे में पिछले बजट में लॉजिस्टिक और वेयरहाउस पॉलिसी और अब मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की घोषणा से एमएसएमई को लाभ होगा। वहीं, पीएमएआर के अध्यक्ष श्रवण शर्मा का मानना है कि उद्योग कुशल श्रमिकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके मद्देनजर बजट में स्किल डवलपमेंट और वोकेशनल ट्रेनिंग की योजना की घोषणा से उद्योगों में कुशल श्रमिकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।


