जयपुर | महिला उद्यमियों के लिए राज्य बजट में 350 करोड़ रुपए का प्रावधान और मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण की सीमा 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए तक करने की घोषणा पर बोलते हुए फोर्टी वूमन विंग की अध्यक्ष नीलम मित्तल का कहा कि सरकार का यह कदम अच्छा है, लेकिन ऋण मंजूरी की प्रक्रिया सरल और तेज करने की जरूरत है। महिला स्टार्टअप के लिए अनुसंधान एवं विकास के लिए विशेष अनुदान और जैविक उत्पादों के विकास के लिए अलग से बजट आवंटन की भी जरूरत है। सरकार को महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए कर राहत और विशेष कानूनी सहायता डेस्क की स्थापना भी करनी चाहिए। इससे अनुपालन में आसानी होगी। औपचारिक मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करे फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि अनुभवी महिला व्यवसायियों के नेतृत्व में औपचारिक मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करना चाहिए, जो हस्तशिल्प, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नई उद्यमियों को मार्गदर्शन दे सके। ग्रामीण स्तर पर काम करने वाली महिला कारीगरों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ‘शार्क टैंक’ की तर्ज पर विशेष निवेश कार्यक्रम शुरू कर सकती है। हालांकि, बजट में मार्केटिंग पर ध्यान दिया गया है, लेकिन राज्य स्तर पर महिला उद्यमियों के उत्पादों के लिए विशिष्ट ई-कॉमर्स पोर्टल या ‘राजस्थान महिला ब्रांड’ की स्थापना अधिक प्रभावी हो सकती है।


