भाजपा का जवाब – 15 महीने की कमलनाथ सरकार में उमंग सिंघार पर ही लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप आरटीओ के करोड़पति कांस्टेबल सौरभ शर्मा मामले में आरोप-प्रत्यारोप ने तेजी पकड़ ली है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में राजपूत ने उनके बिजनेस पार्टनर्स के साथ मिलकर जमीनें खरीदीं। मंत्री के पास 1250 करोड़ रु. की अनुपातहीन संपत्ति है। राजपूत की जानकारी और उनके दफ्तर में पूरा लेन-देन होता था। हवाला कारोबारी लोकेश, संजय श्रीवास्तव और श्वेता श्रीवास्तव भी इसमें शामिल थे, जो क्लोन कंपनी चलाते थे। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इधर, भाजपा ने कहा कि कमलनाथ सरकार में इन्हीं नेता प्रतिपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सिंघार का आरोप है कि राजपूत कथित तौर पर एक केंद्रीय मंत्री को भी पैसे भेजते थे। सरकार सौरभ की कॉल डिटेल सार्वजनिक नहीं कर रही है। क्योंकि इससे कई अफसर और नेता बेनकाब हो जाएंगे। सौरभ के घर से मिले दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। आखिर उसने 40 दिन की फरारी कहां बिताई और किसने मदद की? श्यामला हिल्स के किस होटल में सौरभ को किसने रुकवाया? ये हैं बड़े आरोप: 134 करोड़ की संपत्ति शपथ पत्र में छिपाई भाजपा ने कहा- मंत्री रहते सिंघार ने भ्रष्टाचार किया उमंग सिंघार के आरोपों प र भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया। अग्रवाल ने कहा कि ये वही उमंग सिंघार है, जिन पर 15 महीने की कमलनाथ सरकार के दौरान अपने ही मंत्रालय में खरीद-फरोख्त, ट्रांसफर, पोस्टिंग जैसे कई मामलों में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। भाजपा ने कहा कि झारखंड के प्रभारी सचिव रहते टिकट बेचने के आरोप भी लगे थे। कांग्रेस नेताओं ने ही ये आरोप लगाए। सिंघार के ऊपर अलग-अलग महिलाओं ने समय-समय पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। एक महिला ने तो उनके स्वयं निज निवास में आत्महत्या की थी। कांग्रेस ने जो दस्तावेज दिया है उसमें एक जो नाम आ रहा है वह स्वयं कांग्रेस के एक नेता का है। कांग्रेस बताए कि जो कमलेश बघेल हैं उनका कांग्रेस से क्या नाता है, वह किस गुट से आते हैं।


