पाली में एक विदेशी महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करने का मामला सामने आया है। ठगों ने महिला से 11.80 लाख रुपए की ठगी की। हालांकि आरोपियों का फोन बंद आने पर महिला ने पुलिस थाने में फोन किया तो मामले का खुलासा हुआ। साइबर थाने के सीओ मनीष चौधरी ने बताया- डबोरका मैरिन उर्फ मंगलपुरी सुत दुगोमिर मैरिन हाल निवासी विश्व गुरुद्वीप आश्रम, श्याम नगर जयपुर मूल निवासी लैया मुलेरा जागरेम्ब क्रोएशिया ने रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि वह जयपुर आश्रम में थी। 4 जनवरी को उसके मोबाइल पर शाम करीब साढ़े चार बजे कॉल आया। फोन पर उससे कहा गया कि उसका(महिला का) मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। इसलिए उसे दो घंटे बाद बंद कर दिया जाएगा। इसे अगर रोकना है तो अंधेरी ईस्ट (महाराष्ट्र) थाने में बात करनी होगी। रिपोर्ट में बताया- फिर उसका फोन अंधेरी ईस्ट थाने में कनेक्ट करने की बात कहते हुए प्रदीप नाम के व्यक्ति से बात करवाई। जिसने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपका मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। नरेश नाम के व्यक्ति ने उनके नाम से बैंक अकाउंट खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग का काम किया है। यह बताकर उन्होंने उसे डिजिटल अरेस्ट किया और कैमरे के सामने ही रखा। बैंक खाता की जानकारी मांग एफडी तोड़ने के लिए कहा
रिपोर्ट में महिला ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट होने के बाद वह डर गई। उन्होंने केस से नाम वापस निकालने के बदले लाखों रुपए की डिमांड की। इस पर वह राजी हो गई। फिर 7 जनवरी को ठगों के बताए अकाउंट में पाली आकर एक बैंक से 11.80 लाख का चैक उनके बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। थाने में लैंडलाइन पर फोन किया, तो खुला मामला
ठगों ने उसे बताया कि 20 जनवरी को उसका मामला कोर्ट में आएगा और 22 जनवरी को उसे फ्री कर दिया जाएगा। लेकिन उसके बाद उसके पास किसी तरह का कॉल नहीं आया। इस पर उन्होंने मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो वह स्विच ऑफ आया। लगातार फोन नंबर स्विच ऑफ आने पर उसने अंधेरी ईस्ट थाने के लैंडलाइन नंबर पर कॉल किया। तो पता चला कि प्रदीप नाम का वहां कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। इस पर ठगी होने का शक हुआ तो मामला दर्ज करवाया। मामले में साइबर थाने के सीओ मनीष चौधरी ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट पर मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।


