पंजाब की राजनीति में ‘ऑपरेशन लोटस’ के मुद्दे पर एक बार फिर भूचाल आ गया है। जालंधर वेस्ट के पूर्व विधायक और अब भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अंगुराल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार द्वारा भाजपा पर लगाए गए ‘ऑपरेशन लोटस’ के सभी आरोप पूरी तरह से झूठे, निराधार और एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा का नाम लेते हुए कहा कि विधायकों को मोहरा बनाकर जनता को गुमराह करने का खेल खेला गया था। शीतल अंगुराल ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि साल 2022 में चंडीगढ़ स्थित कोठी नंबर 50 में एक गुप्त बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में राघव चड्ढा स्वयं मौजूद थे। अंगुराल के अनुसार, वहीं पर रणनीति तैयार की गई थी कि कैसे भाजपा के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करवानी हैं। उन्होंने कहा की उस समय हम नए-नए विधायक बने थे और हमें पार्टी की इस गहरी साजिश का अंदाजा नहीं था। हमें जो सिखाया गया, हमने वही किया, लेकिन अब सच सामने लाना जरूरी है। अंगुराल ने दावा किया कि जिन नंबरों से विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये के ऑफर देने की बात कही गई थी, वे दरअसल आम आदमी पार्टी द्वारा ही प्लांट किए गए लोग थे। पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल अपनी प्रेस वार्ता के दौरान अंगुराल ने पंजाब पुलिस और विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा द्वारा विधायकों को खरीदने की कोशिश के आरोप सच थे, तो दर्ज की गई FIR के बावजूद आज तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? उन्होंने खुलासा किया कि उनका व्यक्तिगत ‘आईफोन’ (iPhone) अभी भी पुलिस के पास जमा है, जिसमें उन फर्जी कॉल्स की महत्वपूर्ण रिकॉर्डिंग मौजूद है। अंगुराल ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर फोन वापस नहीं कर रही है क्योंकि उसमें मौजूद सबूत ‘आप’ सरकार की पोल खोल सकते हैं। जब ग्राफ गिरता है, तब शुरू होता है ऑपरेशन लोटस का शोर भाजपा नेता ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी का पुराना पैंतरा बन चुका है। जब भी पंजाब में सरकार विकास के मोर्चे पर विफल होती है या पार्टी का राजनीतिक ग्राफ गिरने लगता है, तो जनता का ध्यान भटकाने के लिए ‘ऑपरेशन लोटस’ का राग अलापना शुरू कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब वे भाजपा में शामिल हुए, तो उन्हें उन्हीं पुराने नंबरों से दोबारा कॉल आई, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि यह सब सरकार द्वारा फैलाया गया एक भ्रमजाल था। अंगुराल ने चेतावनी दी कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे और ‘आप’ के झूठ को जनता की अदालत में बेनकाब करना जारी रखेंगे।


