नर्सिंग-ऑफिसर बोला- लड़के ही क्यों मरते हैं, फिर जहर खाया:न्याय नहीं मिले तो अस्थियां गटर में बहाना; सुसाइड के लिए महिला को जिम्मेदार बताया

पाली में एक नर्सिंग ऑफिसर ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले उसने दो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। इनमें एक महिला को सुसाइड का जिम्मेदार बताया। उसने आरोप लगाया कि महिला उसे ब्लैकमेल कर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही है। नर्सिंग ऑफिसर ने कहा- मुझे बर्बाद करने वाली को सजा नहीं मिले तो मेरी अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित करने की बजाय गटर में बहा देना। घटना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरुवार रात 8 बजे की है। पहले जानिए.. क्या है पूरा मामला? पाली के केशव नगर के रहने वाले कैलाश नागौरा (36) जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में नर्सिंग ऑफिसर थे। गुरुवार रात को उन्होंने अपने घर में ही जहर खा लिया। जहर खाने के तुरंत बाद एक महिला को वीडियो कॉल किया था। वही महिला उन्हें पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में मौत हो गई। अब पढ़िए वीडियो में क्या बोले नर्सिंग ऑफिसर जहर खाने से पहले बनाए वीडियो में नर्सिंग ऑफिसर ने कहा- हमारा रिलेशनशिप था। सब कुछ सहमति से हुआ, तो फिर लड़कों को ही क्यों फंसाया जाता है? लड़के ही क्यों मरते हैं? मेरा नाम कैलाश नागौरा है। मैं आज अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं और उसकी वजह है… (एक महिला का नाम लिया)। उसने मुझे बदनाम और बर्बाद कर दिया। (महिला और परिवार का जिक्र)। इसकी तीन-चार सहेलियां भी लड़कों को बर्बाद करती हैं। हम बाहर घूमने गए। एक दिन वह मेरे हॉस्पिटल आई और कहा कि तुझे बर्बाद कर दूंगी। मेरे स्टाफ सबको बोल दिया, वहां भी जीने के लायक नहीं छोड़ा। धमकी देकर गई कि समाज से तुझे बाहर करवाऊंगी। तुझसे तेरी बीवी-बच्चे छीन लूंगी। अगर तुमने और पैसे नहीं दिए तो बर्बाद कर दूंगी। तेरे ऊपर 376 का मुकदमा कर दूंगी, नौकरी छीन लूंगी। मेरे बीवी-बच्चे मायके हैं। मुझे मरने पर मजबूर कर रही है। इसका यही काम है – लड़कों को फंसाना, उनसे पैसा ऐंठना। पुलिस के जरिए डरा-धमका कर पीछा छुड़वा देती है। इसका मकान बना तब मैंने 3 लाख रुपए दिए। मेरी पत्नी और बच्चे से नहीं मिलने देती। मेरी दादी की मौत हुई, तब गंगाप्रसादी में भी नहीं जाने दिया। आज मैंने उससे बात की तो बोली- तू अगर मुझे पैसे लाकर देगा तो ठीक, नहीं तो मैं तेरी कम्प्लेंट करूंगी। समाज ने मुझे बाहर किया। समाज से पूछता हूं-क्या सिर्फ लड़का ही गलत होता है? मैंने कितने रुपए दिए, आप मेरा ट्रांजेक्शन चेक कर सकते हैं। इसने मुझे कम से कम 40 लाख से बर्बाद किया। इसका हसबैंड है, वो… है। आज मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। इसके पीछे… है। इसने… में मुझे पति बनाकर रखा। हमारे सब कुछ रजामंदी से हुआ, तो फिर मैं कहां गलत हूं? अब मैं कोर्ट में जाऊं, कहीं पर भी जाऊं, तो आदमी की कौन सुने – बताओ आप? इसके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अच्छी तरीके से जांच होनी चाहिए और इसका सब कुछ सामने आना चाहिए। अगर जांच सही तरीके से नहीं हुई तो मेरे जैसे कई लड़के 376 के मामले में बर्बाद होते रहेंगे।

जहर खाने के बाद उसने महिला को वीडियो कॉल भी किया। सूचना के बाद हालत बिगड़ने पर उसे हॉस्पिटल लाया गया, लेकिन जोधपुर रेफर करते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। शव को जोधपुर अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है। — सुसाइड ये खबर भी पढ़िए बाड़मेर में कृषि सुपरवाइजर ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:पत्नी और मां के साथ किराए के मकान में रहा था, 15 दिन से अकेला था बाड़मेर के रीको थाना इलाके में कृषि सुपरवाइजर ने किराए के मकान में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पूरी खबर पढ़िए

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *