मंत्रालय में बाबू, पटवारी और फूड इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर करीब 5 करोड़ से ठगी करने वाले गिरोह का एक और आरोपी पकड़ा गया। पुलिस अब तक इस मामले में गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी कर चुकी है। इसमें पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की बहन झगीता जोशी और साला देवेंद्र जोशी मुख्य आरोपी हैं। इसमें सेजबहार का कपिल देशलहरे भी शामिल है। उसने भी आधा दर्जन लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर पैसा लिया है। पुलिस ने बताया कि रैकेट में स्वप्निल दुबे, नफीज आलम, हलधर बेहरा, सोमेश दुबे भी शामिल थे। आरोपियों ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपए दिए। कई लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। यहां कुछ लोगों के नाम पर फर्जी चयन सूची भी जारी की है। इसमें मंत्रालय के कुछ बाबूओं की भूमिका संदिग्ध है। उनकी भी जांच की जा रही है। क्योंकि जो चयन सूची जारी हुई है, उसमें मंत्रालय की सील मुहर भी लगा है। इसके अलावा कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपी के घर की टीवी, फ्रिज से लेकर कार तक जब्त कर लिया है।


