बस्तर के बाजारों में 500 रुपए के नकली नोट पहुंचने का मामला सामने आया है। पहले बस्तर जिले में और अब दंतेवाड़ा के एक व्यापारी के जमा कराए गए नोट को बैंक की मशीन ने स्वीकार नहीं किया। जांच में नोट संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद मामला उजागर हुआ। जिसके बाद व्यापारियों और आम लोगों में सतर्कता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि, 500 रुपए का नकली नोट सामान्य लेन-देन के दौरान हाट बाजार में चला। जब एक व्यापारी बैंक में कैश जमा करने पहुंचा तो मशीन ने 500 रुपए के नोट को रिजेक्ट कर दिया। बैंक अधिकारियों ने नोट को अलग रखकर संबंधित प्रक्रिया शुरू की। पुलिस बोली- जांच कर रहे
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नकली नोट कितनी संख्या में बाजार में पहुंचे हैं, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। ASP आरके बर्मन का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट कहां से आ रहे हैं।
ऐसे करें 500 रुपए के असली-नकली नोट की पहचान
1. वॉटरमार्क – नोट को रोशनी में देखने पर महात्मा गांधी की तस्वीर और ‘500’ अंक स्पष्ट दिखाई देते हैं। नकली नोट में यह फीचर धुंधला, हल्का या गायब हो सकता है। 2. सिक्योरिटी थ्रेड – नोट के बीच में हरी-नीली रंग बदलने वाली सुरक्षा पट्टी होती है। नोट को तिरछा करने पर इसका रंग बदलता है और ‘RBI’ तथा ‘500’ लिखा दिखाई देता है। नकली नोट में यह अक्सर सिर्फ प्रिंटेड लाइन होती है। 3. उभरी हुई छपाई (इंटैग्लियो प्रिंटिंग)- ‘RBI’, अशोक स्तंभ, गांधी जी की तस्वीर और कुछ अन्य हिस्सों पर उभरी हुई छपाई होती है। उंगलियों से छूने पर असली नोट में खुरदुरापन महसूस होता है। 4. माइक्रो लेटरिंग- गांधी जी की तस्वीर के पास बहुत छोटे अक्षरों में ‘RBI’ और ‘500’ लिखा होता है। नकली नोट में ये अक्षर साफ या स्पष्ट नहीं होते। 5. सीरियल नंबर- नोट के नंबर पैनल में अंक बाएं से दाएं बढ़ते आकार में छपे होते हैं। सभी अंक एक जैसे साइज के दिखें तो सतर्क रहें।
नकली नोट मिले तो क्या करें?
ऐसे नोट को आगे चलाने की कोशिश न करें। तुरंत नजदीकी बैंक शाखा या थाने में सूचना दें। नोट किससे और कब मिला, इसकी जानकारी सुरक्षित रखें।


