सरगुजा में आय से तीन गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश ममता पटेल की अदालत ने कृषि विभाग के तत्कालीन सर्वेयर को तीन साल की सजा सुनाई है। मामले में फैसला 19 वर्ष बाद आया है। कृषि विभाग के सर्वेयर राकेश रमण सिंह पर एसीबी ने 2007 में कार्रवाई की थी। मामले में केस दर्ज कर एसीबी ने कोर्ट में वाद दायर किया था। जानकारी के मुताबिक, एसीबी की टीम ने 29 दिसंबर 2007 को कृषि विभाग के तत्कालीन सर्वेयर राकेश रमण सिंह के मिशन चौक स्थित निवास पर छापा मारा था। संपत्ति की जांच के सर्वेयर के पास कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का आंकलन किया गया था। पदस्थापना से कार्रवाई दिवस तक उनकी आय एक करोड़ 12 लाख 90 हजार रुपये थी। आय से करीब तीन गुणा संपत्ति मिलने पर एसीबी ने राकेश रमण सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ई) सहपठित धारा 13(2) के व आईपीसी की धारा 468, 471, 201, के तहत अपराध दर्ज किया था। 19 वर्ष बाद फैसला, रिटायर हो चुके हैं सर्वेयर
कोर्ट व एसीबी के अनुसार आरोपी राकेश रमन सिंह वर्ष 1988 से कृषि विभाग अंबिकापुर में सर्वेयर के पद कार्यरत थे। उसके आय के ज्ञात और वैध स्रोत से प्राप्त आय की तुलना में अर्जित संपत्ति 2,09,51,724 रुपए अधिक थी। आरोपी ने अपनी अवैध आय को िछपाने के आशय से छापा दिनांक के बाद कूटरचित केपिटल एकाउंट और बैलेंस शीट तैयार कर उन्हें फर्जी होना जानते हुए छल के आशय से अलग-अलग प्रपत्र के रूप में प्रस्तुत कर अपने अपराध का साक्ष्य छिपाया था। मामले में विशेष न्यायाधीश ममता पटेल की अदालत ने करीब 18 साल बाद फैसला सुनाया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में राकेश रमण सिंह को तीन वर्ष एवं आईपीसी की धारा 468, 471 व 201 के तहत तीन वर्ष एवं 11 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी राकेश रमण सिंह सर्वेयर पद से रिटायर हो चुके हैं।


