झालावाड़ में गढ़ परिसर में स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र पिछले साल अगस्त से बंद कर दिया गया है। यह केंद्र अब रेलवे स्टेशन पर संचालित हो रहा है, जिससे शहरवासियों को टिकट बुकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर है। यह केंद्र पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सांसद कार्यकाल के दौरान खोला गया था। इसका उद्देश्य शहर के लोगों को टिकट आरक्षण के लिए लंबी दूरी तय करने से बचाना था। अब यात्रियों को आरक्षण के लिए या तो लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या ई-मित्र संचालकों की मदद लेनी पड़ती है। रेलवे ने पिपलोदी हादसे के बाद जर्जर भवनों को लेकर मिले सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए इस केंद्र को पुराने और जर्जर भवन में चलने के कारण बंद कर दिया था। हालांकि, शहर में कई अन्य उपयुक्त भवन उपलब्ध हैं जहां इसका संचालन किया जा सकता है।
शहरवासियों का कहना है कि उनका विश्वास अधिकृत आरक्षण केंद्र से जुड़ा हुआ है। व्यापार संघ मंगलपुरा से जुड़े मुकेश लालवानी ने बताया कि आरक्षण विंडो शहर में ही होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। शहर के आमजन और जनप्रतिनिधियों ने भी इस विंडो को झालावाड़ शहर में ही फिर से संचालित करने की मांग की है।


