करौली में महात्मा गांधी नरेगा योजना का नाम बदलकर अब ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ किया जा रहा है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी, जिसमें रोजगार के दिनों में वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। इन बदलावों को लेकर करौली जिला परिषद सभागार में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला परिषद के सीईओ शिवचरण मीणा ने मनरेगा में हुए परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर योजना में सुधार किए गए हैं, ताकि आमजन की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके। सीईओ मीणा ने बताया कि पहले एक परिवार को 100 दिन का रोजगार मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। राज्य सरकार ने अतिरिक्त 25 दिनों का प्रावधान जोड़ा है, जिससे श्रमिकों को सालभर अधिक रोजगार मिलेगा। योजना में लगभग 50 नए प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण, गरीब और बीपीएल परिवारों के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को अपना रोजगार या छोटा व्यवसाय शुरू करने में मदद करना है। नई व्यवस्था में राजीविका की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। नियमित कार्यों के साथ अब महिलाओं, कृषि और पशुपालन से जुड़े कई नए काम जोड़े गए हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य हर वर्ग के लोगों को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। सीईओ शिवचरण मीणा ने यह भी बताया कि ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ में जल संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त सभी कार्यों को ऑनलाइन करने पर जोर दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।


