उदयपुर शहर के बीच से गुजर रही आयड़ नदी मे बढ़ते जल प्रदूषण को लेकर के मेवाड़ किसान संघर्ष समिति आयड़ नदी के किनारे बसे एक दर्जन से भी अधिक गांवों के ग्रामीणों के साथ 25 फरवरी को कानपुर की नदी की पुलिया पर ढोल बजाने के साथ ही आंदोलन का शंखनाद करेंगे। संघर्ष समिति के संयोजक विष्णु पटेल ने बताया कि आयड़ नदी में निरंतर प्रदूषण फैलता जा रहा है जिससे जल जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे हुए दर्जन भर गांवों के ग्रामीणो को मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है। कानपुर के पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने कहा कि आयड़ नदी के किनारे बसे हुए मनवाखेड़ा, मादड़ी, कलड़वास, खेड़ा, कानपुर, भोईयों की पंचोली, मटून, खरबड़िया, लकड़वास, टीला खेड़ा, कमलोद, डूंगर, धुनी माता, पारा खेत,सहित एक दर्जन से भी अधिक गांवो के ग्रामीण खेड़ा कानपुर की नदी पर बनी पुलिया से, साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों सहित 12 गांव के प्रत्येक गांव से एक ढोल हर गांव का आएगा,12 ढोल एक साथ बजाए जाएंगे। आंदोलन करने के पीछे ये दिए तर्क


