चंडीगढ़ में शनिवार से 25 नई इलेक्ट्रिक बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। इन बसों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुहावटी से वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे। ये बसें ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के तहत चंडीगढ़ को मिली हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रमुख रूट्स पर हर 10 मिनट में बस उपलब्ध हो। फिलहाल कई रूट्स पर बसों के बीच 5 से 30 मिनट का अंतर है। नई बसों के आने से यह अंतर कम होगा और यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। फरवरी के अंत तक 25 और मार्च-अप्रैल तक 50 और बसें मिलने की उम्मीद है। डीजल बसों की जगह लेंगी ई-बसें नवंबर 2025 में 15 साल पुरानी 85 डीजल बसें सड़कों से हटा दी गई थीं। इसके बाद कुछ लंबी दूरी की बसों को सिटी रूट पर चलाया गया। अब नई ई-बसें आने से व्यवस्था फिर से बेहतर होगी। ई-बसें मुख्य रूप से शहर के लोकल रूट्स पर चलेंगी, जबकि अन्य बसें लंबी दूरी के रूट्स पर भेजी जाएंगी। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले ही कह चुके हैं कि मेट्रो परियोजना पर अंतिम फैसला होने तक मजबूत बस सेवा ही ट्रैफिक जाम का व्यावहारिक समाधान है। प्रशासन नए रूट शुरू करने और बंद रूट्स को दोबारा चालू करने की तैयारी में है। फिलहाल ट्राईसिटी में करीब 80 ई-बसें पहले से चल रही हैं। इन शहरों को भी मिलेंगी ई-बसें गुहावटी – 100 बसें नागपुर – 50 बसें भावनगर – 30 बसें चंडीगढ़ – 25 बसें हाईटेक और दिव्यांग-अनुकूल बसें 15 मीटर लंबी AC बसें एक बार फुल चार्ज होने पर 224 किलोमीटर तक चलेंगी 36 सीटें और 20 यात्रियों के खड़े होने की सुविधा स्टॉप के लिए पुश बटन सिस्टम आगे, पीछे और साइड में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड दिव्यांग यात्रियों के लिए ऑटोमैटिक रैंप लो-फ्लोर डिजाइन, फर्श की ऊंचाई सिर्फ 400 मिमी


