फार्म हाउस में स्टे के बावजूद तोड़फोड़ का आरोप:पूर्व सांसद की संपत्ति को लेकर विवाद, भवन तोड़ने से रोकने पर मारपीट-धमकी दी, FIR दर्ज

दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी स्थित एक फार्म हाउस को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में जमीन पर निर्माण और तोड़फोड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिलासपुर हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद जमीन पर बने ढांचों को नुकसान पहुंचाया गया है। वर्धमान नगर शनिचरी बाजार निवासी सुनील जैन (56 वर्ष) ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि ग्राम कोलिहापुरी की यह जमीन गीता देवी चंद्राकर, प्रहलाद चंद्राकर, मोहन चंद्राकर, हिमकर, परमेश्वर, हेमलाल चंद्राकर और संजय के नाम पर दर्ज है। शिकायत में बताया गया है कि उक्त जमीन पर तीन बड़े भवन, दो गोदाम, एक गौशाला और एक पानी की टंकी बनी हुई है। सुनील जैन का दावा है कि गीता बाई और प्रहलाद चंद्राकर ने उन्हें वसीयतनामा और आम मुख्तयारनामा के माध्यम से पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। इसके अतिरिक्त, मोहन चंद्राकर, हेमलाल चंद्राकर और चितरेखा चंद्राकर द्वारा बिक्री का इकरारनामा किए जाने और उन्हें रकम प्राप्त होने का भी उल्लेख है। निर्माण ढांचे को तोड़ने की सूचना पर पहुंचे घटना 12 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 1 बजे की है। सुनील जैन को रमा साहू से सूचना मिली कि जमीन पर कुछ लोग निर्माण ढांचे को तोड़ रहे हैं। इसके बाद सुनील जैन रमा साहू और लगन जैन के साथ मौके पर पहुंचे। एफआईआर के अनुसार, मौके पर नेहरू नगर निवासी अमित चंद्राकर और उनके साथियों को भवन तोड़ते हुए देखा गया। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, तो विवाद बढ़ गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अमित चंद्राकर ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों व किसी ठोस वस्तु से मारपीट की। इस मारपीट में सुनील जैन के बाएं गाल, बाएं पैर और कंधे में चोटें आईं। रमा साहू और लगन जैन को घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में एफआईआर में दर्ज किया गया है। पूर्व सांसद के फार्म हाउस से जुड़ा है मामला जानकारी के अनुसार विवादित फार्म हाउस दुर्ग के पूर्व सांसद रहे चंदूलाल चंद्राकर का बताया जा रहा है, जो वर्तमान में उनके परिजनों के नाम पर दर्ज है। इसी वजह से मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी पुलिस अब FIR में दर्ज नामों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है।

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