कोंडागांव जिले में कुष्ठ रोग नियंत्रण और टीबी उन्मूलन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह ‘सम्पूर्णता अभियान’ जिले के सभी पांच विकासखंडों में जारी है। इसी क्रम में, 13 फरवरी को विकासखंड कोंडागांव के बम्हनी सेक्टर की स्वास्थ्य टीम ग्राम इसलनार पहुंची। यहां हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के विदाई कार्यक्रम के अवसर पर छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों को कुष्ठ रोग और टीबी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के पर्यवेक्षक संजय नायडू और बोरगांव आयुष्मान आरोग्य मंदिर के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक घुडवंत कुलदीप ने बताया कि दोनों ही रोगों की जांच और उपचार की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी या मितानिन से संपर्क कर जांच कराने का आग्रह किया। मोबाइल एक्स-रे मशीन से मरीजों को राहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर मोबाइल एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने जानकारी दी कि पहले टीबी की जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था, जिससे दूरस्थ अंचलों के लोगों को काफी परेशानी होती थी। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन की विशेष पहल पर यह सुविधा शुरू की गई है। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की जिला टीम प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है। टीम ने प्रतिदिन 100 नागरिकों की एक्स-रे जांच का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस जांच में टीबी संक्रमित परिवार के सदस्य, संभावित मरीज, 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक और नशे का सेवन करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि समय पर उपचार शुरू कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। कार्यक्रम में कुष्ठ रोग को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि कुष्ठ रोग को पहले असाध्य माना जाता था, लेकिन अब इसकी पूरी जांच और इलाज उपलब्ध है। शरीर में सुन्नपन, हल्के या गहरे दाग, आंखों की भौंहों का झड़ना, कान के पास मोटापन या किसी भी प्रकार की गांठ दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई।


