छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की और माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने आईईडी निष्क्रिय किए और 6 नक्सली स्मारकों को ध्वस्त किया। पहले देखिए तस्वीरें ताड़पाला हिल्स में भारी मात्रा में विस्फोटक बीजापुर जिले में शुक्रवार को थाना उसूर क्षेत्र के ताड़पाला हिल्स एरिया में सुरक्षाबलों के चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, आईईडी (IED) और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान में सीआरपीएफ की 196वीं वाहिनी और कोबरा 204 की संयुक्त टीम शामिल थी। सर्चिंग के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर प्लास्टिक और लोहे के ड्रमों में विस्फोटक व दैनिक उपयोग की सामग्री छिपाकर रखी गई थी, जिसे सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। सर्च ऑपरेशन में विस्फोटक और नक्सली साहित्य बरामद बरामद की गई सामग्री में 13 डेटोनेटर, 11 किलोग्राम गनपाउडर, 4 प्लास्टिक ड्रम, 2 स्टील ड्रम, 2 लोहे के ड्रम, माओवादी वर्दी, जूते, कैप, डोरी, यूएसबी केबल, सोलर प्लेट और अन्य साहित्य शामिल हैं। एरिया डॉमिनेशन और डिमाइनिंग कार्रवाई के दौरान, जमीन में प्रेशर स्विच सिस्टम से लगाए गए 13 बीयर बोतल आईईडी और लोहे के पाइप में निर्मित 1 डायरेक्शनल आईईडी भी बरामद किए गए। सभी आईईडी को मौके पर ही सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निष्क्रिय कर दिया गया। अभियान के दौरान, टेकमेटला कुंजामपारा क्षेत्र में बनाए गए माओवादी स्मारक को भी ध्वस्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। पंगुड़ में 6 माओवादी स्मारक ध्वस्त वहीं, बीजापुर जिले के मोदकपाल थाना क्षेत्र के ग्राम पंगुड़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा बनाए गए छह स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया। यह अभियान मोदकपाल पुलिस और सीआरपीएफ की बी/62वीं वाहिनी नुकनपाल की संयुक्त टीम ने चलाया। अभियान के दौरान पुलिस-जन संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक चलित थाना भी स्थापित किया गया। इसमें ग्रामीणों की शिकायतें और समस्याएं सुनी गई, और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर विश्वास बहाली के लिए की गई है। इसके अतिरिक्त, साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसमें ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की। इस कार्यक्रम के दौरान गांव में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने “भारत माता की जय” के नारे लगाकर सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक विश्वास को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


