पहली बार जंगल सफारी में दिखेंगे अफ्रीकी जेब्रा और मीरकैट:सेंट्रल जू अथॉरिटी से हरी झंडी मिली, गर्मी में लाए जाएंगे विदेशी जानवर

छत्तीसगढ़ के लोग नवा रायपुर में अब विदेशी जानवर को भी देख सकेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है कि नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी के जू में इसी महीने जेब्रा और मीरकैट जैसे आर्कषक अफ्रीकी वन्य प्राणियों का जोड़ा पहुंच रहा है।
करीब 2 साल से सफारी की शोभा बढ़ाने के लिए जेब्रा लाने की कवायद चल रही थी। अब इसमें सफलता मिली है। गुजरात जामनगर का प्राइवेट जू प्रबंधन दो भालुओं के बदले जेब्रा और मीरकैट का जोड़ा देने को तैयार हो गया है। 23 फरवरी को टीम यहां से रवाना होगी। तीन-चार दिन के भीतर यानी इसी महीने उन्हें नवा रायपुर लाया जाएगा। उन्हें 21 दिन क्वारेंटाइन रखने के बाद छोड़ा जाएगा, जहां पर्यटक उन्हें देख सकेंगे। ढाई करोड़ आ रहा था अफ्रीका से लाने का खर्च सेंट्रल जू अथॉरिटी ने दोनों वन्य प्राणियों के ट्रांसपोर्टेशन की मंजूरी दे दी है। उसके बाद जंगल सफारी प्रबंधन ने उन्हें लाने के लिए डाक्टरों और वन्य प्राणी विशेषज्ञों की टीम बना दी है। विशेष रेस्क्यू वाहन में सफारी से भालू के जोड़े को गुजरात जामनगर ले जाया जाएगा। वहां से एक जोड़ा जेब्रा और एक जोड़ा मीरकैट लाया जाएगा। ^ वन्य प्राणियों को इसी महीने लाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। यहां लाने के बाद उन्हें क्वारेंटाइन में रखने के बाद बाड़े में छोड़ा जाएगा। इस दौरान 24 घंटे डाक्टरों और विशेषज्ञों की टीम उनकी निगरानी करेगी।
-धमशील गणवीर, डायरेक्टर नवा रायपुर जंगल सफारी सफारी में 8 बाड़े तैयार
जंगल सफारी के भीतर जू में 32 बाड़े हैं। इनमें नए बने आठ खाली हैं। पिछली सरकार में इन बाड़ों को बनाने की मंजूरी देने के साथ ये भी तय किया गया था कि इन बाड़ों में विदेशी वन्य प्राणियों को रखा जाएगा। ताकि जंगल सफारी का क्रेज बना रहे। इन बाड़ों को बनाने में करीब 12 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
ये विदेशी जानवर आएंगे
{ अफ्रीकन जिराफ { चिंपाजी { इंसानों जैसी हरकतें करने वाले औरंग उटांग
{ अफ्रीकी ओरिक्स​​​​​​​

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