नमस्कार पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्रीजी के बीच एक-दूसरे पर तंज कसने का दौर ‘मेंटल हॉस्पिटल’ तक पहुंच गया है। भले डोटासरा जी बजट में दर्जनों कमियां गिनाएं, लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ हंसी-मजाक का मौका नहीं छोड़ते। डोटासराजी ही नहीं, बल्कि उनका ‘डुप्लीकेट’ भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है। जोधपुर में RLP के नेताजी ने ठेकेदार को सड़क बनाने का तरीका समझा दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. पीसीसी चीफ और ‘मेंटल हॉस्पिटल’ विधानसभा में बजट पेश हो गया। बजट के दौरान पीसीसी चीफ ने खूब चुटकियां लीं। वे चुटकी लेने का मौका नहीं छोड़ते। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्च को डोटासरा जी ने सदन की सीढ़ियों पर पकड़ लिया। वहीं, संवाद शुरू हो गया। दूसरे नेता भी खड़े थे। डोटासरा जी बोले- सुनो महाराज, मैंने कह दिया है कि मेंटल हॉस्पिटल देना है तो रामगंजमंडी में देना। दूसरी जगह मत दे देना। चीफ साहब का इशारा शिक्षा मंत्रीजी की तरफ। रामगंजमंडी उन्हीं का क्षेत्र है। डोटासरा-दिलावर की नोक-झोंक सर्वविदित। बालमुकुंदाचार्य इस तंज का खरा जवाब नहीं दे सके। बोले- बजट में मेंटल हॉस्पिटल नहीं दे रहे हैं, किसी का मानसिक तनाव चल रहा हो तो इलाज दे रहे हैं। डोटासरा ने फिर चुटकी ली- तो आपके पास जो इलाज हो वो दे दो। इसके बाद वे खिलाखिलाकर हंस पड़े। बालमुकुंदाचार्य ने उलाहना सा दिया- अभी तो आप धन्यवाद दे रहे थे कि सीकर-लक्ष्मणगढ़ में बढ़िया काम कर रहे हो। इस पर पीसीसी चीफ ने बात संभाली, कहा- नहीं, हमसे कहा कि वो दोनों (बालमुकुंदाचार्य और रफीक खान) लड़ रहे हैं, आप निपटाकर आओ तो हमने कहा कि लड़ो मत। सीढ़ियों पर फिर हंसी बिखर गई। इस दल में मौजूद एक सदस्य ने पत्रकारों से कहा- लो साहब, मिल गया मसाला? रामगंजमंडी में मेंटल हॉस्पिटल की बात शिक्षा मंत्री तक भी पहुंची। उन्होंने तुरंत पलटवार किया। बोले- मैं सीकर की तरफ गया था। वहां मेंटल हॉस्पिटल की ज्यादा जरूरत है। लोग कह रहे थे कि वहां के एक लीडर बहुत मेंटल हो गए हैं। उनका इलाज बहुत ही जरूरी है। पत्रकार ने उन लीडर का नाम पूछा तो बोले- नाम नहीं बताया मुझे, अबकी बार मिलेंगे तब बताएंगे। 2. भोज पर डोटासरा जी का हमशक्ल डोटासरा जी ने जयपुर में बजट पर प्रतिक्रिया दी। खूब जोश दिखाया। बोले-ये कैसा बजट है जिससे किसान गायब, नौजवान गायब, बेरोजगार गायब, मातृशक्ति का सशक्तिकरण गायब, मीडिया गायब, पेयजल गायब, सड़क गायब, इन्फ्रास्ट्रक्चर गायब। बजट को लेकर बोलते वक्त जो तेवर डोटासरा जी के दिखे, वैसे सत्ता पक्ष के नेताओं से आम मुलाकात के दौरान नहीं दिखते। उस वक्त बड़ी हंसी-मसखरी सूझती है। खूब चुटकियां लेते हैं, कमेंट करते हैं। साथ में भोजन करने का अवसर हो तब भी भाजपा नेताओं के साथ नजर आ जाते हैं। एक वीडियो सामने आया जिसमें डोटासरा जी मंत्री झाबर सिंह खर्रा-भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ के साथ एक ही टेबल पर बैठकर भोजन करते दिखे। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक और वीडियो ने धूम मचा रखी है। डोटासराजी का हमशक्ल प्लेट में हलवा लेकर चम्मच से खा रहा है। शादी समारोह का माहौल लग रहा है। किसी ने भाई का वीडियो बनाकर बैकग्राउंड में डोटासरा जी का संभाग वाला मामला चिपका कर अपलोड कर दिया। अब ‘डुप्लीकेट डोटासरा’ वायरल हो रहे हैं। पब्लिक कमेंट कर रही है कि सीकर के संभाग का मामला अब सुलझ जाएगा। इन्हें भी छोटा-मोटा टिकट मिल ही सकता है। हमशक्ल के बारे में जानकारी ली तो ये भाईसाब डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं के निकले। वहीं कैटरिंग का काम करते हैं। चाल-ढाल, हुलिया, कद-काठी से डोटासरा जैसे ही लगते हैं। 3. सदन के बाहर बालमुकुंदाचार्य और रफीक खान की मीठी नोक-झोंक सदन में सभी सदस्यों को बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। ऐसे में कई नेता सदन के बाहर कसर पूरी कर लेते हैं। सदन के परिसर में आदर्शनगर विधायक रफीक खान और हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य टकरा गए। बीकानेर विधायक जेठानंद व्यास भी थे। रफीक खान बाबाजी के पास आए। बोले- सवा दो साल हो गए। अब तो जाने की तैयारी हो गई। अबकी बार जीरो बटे जीरो। बाबाजी भी फुल कॉन्फिडेंस में। बोले- जाने की नहीं, आने की तैयारी हो रही है। बाबाजी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम लिए बिना कहा- जनता सुन रही है। आप जोधपुर को कुछ नहीं दे पाए। बेचारा जोधपुर अभी तक मांग रहा है। रफीक खान ने जोधपुर का बचाव किया, कहा- जोधपुर तो चमन हो गया। आप जयपुर को जोधपुर जैसा ही कर दो। 4. चलते-चलते.. नेता बनने के लिए सिर्फ चप्पलें घिसना ही जरूरी नहीं है। जनता के काम की बारीक जानकारियां भी होनी चाहिए। मामला जोधपुर का है। यहां बालेसर की ग्राम पंचायत भाटेलाई पुरोहितान में एनएच-125 बम्बोर से मुंडसर तक 7 किलोमीटर लंबी सड़क बन रही है। 10 साल से सड़क टूटी हुई थी। नई सड़क नियमों के मुताबिक बन रही है या नहीं, यह जानने के लिए RLP नेता सतीश सिंह राजपुरोहित मौके पर पहुंच गए। ठेकेदार का अता-पता नहीं। लेबर काम कर रही थी। सड़क निर्माण में खामियां देखकर नेताजी ने काम रुकवा दिया। सभी लेबर को इकट्ठा कर लिया। फिर सड़क बनाने का तरीका समझाने लगे। बोले- पहले 5 इंच की परत कांकरी की डालोगे। उसे कूटोगे तो 3 इंच आनी चाहिए। फिर मूंगिया और डामर की 10 एमएम परत डालोगे जिसमें आधा मूंगिया और आधा डामर हो। लास्ट में डामर, बजरी और केमिकल की लेयर आएगी। ताकि सड़क बरसात में टूटे नहीं। लेबर ने हां में हां मिलते हुए कहा-समझ गए। नेताजी बोले- क्या समझ गए, अपने ठेकेदार को यह सब बताना। क्योंकि ये बातें वर्क ऑर्डर में ही लिखी हैं। इनपुट सहयोग- शक्ति सिंह (कोटा), हनुमान तंवर (नागौर), अरविंद सिंह (जोधपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..


