अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगाने के आदेश के बाद से ही देश के हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स चिंतित हैं। अमेरिका की ओर से ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लगते ही भारत के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों पर 29% अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जिसका सीधा असर एक्सपोर्ट पर पड़ेगा। जोधपुर से करीब 4500 करोड़ का हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को एक्सपोर्ट किया जाता है। इसमें से करीब 2500 करोड़ का एक्सपोर्ट अमेरिकन देशों में होता है। जोधपुर से वुडन हैंडीक्राफ्ट के अलावा, मैटल, लेदर, कैमल बोन, ग्लास व टेक्सटाइल व कई पारंपरिक हस्तनिर्मित उत्पादों का अमेरिका में बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट होता है। अमेरिका व यूरोपियन देशों में चल रही मंदी से पहले ही यहां से 20% एक्सपोर्ट कम हो चुका है। अब यदि अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ लगाता है तो जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स पर बड़ा असर पड़ेगा। इसके तहत भारत से अमेरिका में एक्सपोर्ट होने वाले प्रोडक्ट्स पर सीधे 29% तक अतिरिक्त शुल्क लगेगा। इससे हमारे हैंडीक्राफ्ट प्रोडेक्ट्स की लागत 29% बढ़ जाएगी। अमेरिकी बाजार में पहले से ही चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया और बांग्लादेश के उत्पाद प्रतिस्पर्धा में हैं। भास्कर एक्सपर्ट- दिलीप बैद, अध्यक्ष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट चीन पर इंपोर्ट ड्यूटी से भारत को मिली राहत बेअसर होगी पूर्व में चीन से अमेरिका एक्सपोर्ट होने वाले आइटम्स पर 25% इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई थी। यह ड्यूटी हाल ही में 35% कर दी गई। ऐसे में हमारे एक्सपोर्टर्स के लिए चीन से प्रतिस्पर्धा की राह काफी आसान हो गई थी। लेकिन यदि अब प्रस्तावित रेसिप्रोकल टैरिफ लागू की जाती है तो भारत से एक्सपोर्ट आइटम्स पर 29% अतिरिक्त शुल्क लगेगा। हम केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि हस्तक्षेप करें ताकि करोड़ों लोगों के रोजगार व निर्यातकों पर आए संकट से उभरा जा सके।


