भोपाल में 24 व 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में इंदौर के स्टार्टअप पार्क और 10 हजार की क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर की ब्रांडिंग तो होगी ही, साथ ही सुपर कॉरिडोर पर 2 से 4 हेक्टेयर तक के 10 बड़े प्लॉट भी निवेशकों को दिखाए जाएंगे। दरअसल, हाईराइज कमेटी ने सुपर कॉरिडोर पर इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित स्टार्टअप पार्क को मंजूरी दे दी है। 90 मीटर तक ऊंचाई वाले इस पार्क के बहाने सुपर कॉरिडोर की तस्वीर अब तेजी से बदलने वाली है। स्टार्टअप पार्क को मंजूरी से सुपर कॉरिडोर पर आने वाली हाईराइज का स्टैंडर्ड भी तय हो गया है। प्रेजेंटेशन तैयार किया
सुपर कॉरिडोर पर आईडीए के स्वामित्व वाले 10 बड़े प्लॉट की ब्रांडिंग करने के लिए पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार किया गया है। आईडीए के प्लॉट में निवेशक दिलचस्पी लेते हैं तो इस प्रेजेंटेशन में क्यूआर कोड को स्कैन कर निवेशक सीधे प्लॉट का वर्चुअल टूर कर सकेंगे। सभी 10 प्लॉट की अलग-अलग डिटेलिंग की गई है। प्लॉट की लंबाई-चौड़ाई, प्लॉट के सामने 75 मीटर चौड़ी रोड, सुपर कॉरिडोर के कौन से सेक्टर में प्लॉट है, इसकी डिटेल दी गई है। कॉरिडोर पर ही स्कीम 166 में पीपीपी उपयोग के 12 प्लॉट की नुमाइश भी इसी तरह की जाएगी। बिजली, पानी, ड्रेनेज के काम शुरू हुए सीईओ रामप्रकाश अहिरवार के मुताबिक दो महीने पहले कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में सुपर कॉरिडोर की कमियों को पूरा करने के लिए वहां प्लॉट खरीदने वालों के साथ बैठक की गई थी। रोड की कनेक्टिविटी नहीं होना, ड्रेनेज की दिक्कत, पीने के पानी की समस्या, स्ट्रीट लाइट नहीं होने, गार्डन विकसित नहीं होने की शिकायत की गई थी। इन सब पर काम शुरू कर दिया है। सुपर कॉरिडोर का मेन कैरेज वे और सर्विस रोड पर लाइटिंग कर दी गई है। गार्डन में भी पौधे लगाना शुरू कर दिए हैं।


